देवचरा बाजार में धान खरीदने पहुंचे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव के बेटे की बोलेरो का शीशा तोड़कर बदमाशों ने थैला निकाल लिया। थैले में 19 लाख रुपये, लाइसेंसी पिस्टल और मोबाइल रखा था। गाड़ी में पिछली सीट पर रखे मुनीम के थैले को बदमाश जल्दबाजी में छोड़ गए। उसमें 1.75 लाख रुपये रखे थे। सूचना पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने बदमाशों की तलाश में काफी देर तक कांबिंग भी कराई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। घटना की रिपोर्ट भमोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बदायूं सिविल लाइंस निवासी ओमकार सिंह के बेटे तपन प्रताप सिंह की देवचरा के बाजार में तपन ट्रैडर्स के नाम से गल्ला आढ़त है। तपन अपने मुनीम सुधीर गुप्ता निवासी बदायूं के साथ रविवार सुबह साढ़े सात बजे बोलेरो से आढ़त पर पहुंचे। उन्होंने गफ्फार वाली गली में लॉक करके गाड़ी खड़ी कर दी और फिर मुनीम को साथ लेकर बाजार में धान की खरीदारी के लिए चले गए। करीब 8:10 बजे पल्लेदार बैजनाथ निवासी चंपतपुर ने तपन को फोन करके बताया कि बोलेरो का दाहिनी तरफ का शीशा टूटा हुआ है। तपन तुरंत गाड़ी के पास पहुंचे तो अंदर रखा 19 लाख रुपये, लाइसेंसी पिस्टल, मोबाइल और तीन एटीएम कार्ड वाला थैला गायब था। पिछली सीट पर मुनीम का बैग रखा मिला। उसमें 1.75 लाख रुपये थे। बदमाश शायद जल्दबाजी में यह बैग नहीं ले जा सके।
तपन घटना की सूचना यूपी-100 को दी फिर फोन करके अपने पिता ओमकार सिंह को भी खबर दी। कुछ ही देर में एसपी (देहात) ख्याति गर्ग, एसपी (क्राइम) रमेश भारती, सीओ आंवला अशोक सिंह के अलावा फील्ड यूनिट मौके पर पहुंच गई। आधा घंटे बाद ओमकार सिंह भी पहुंच गए। पुलिस ने बदमाशों की तलाश में काफी देर तक बाजार और आसपास के इलाके में सर्च अभियान चलाया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
पहली बार आए पल्लेदार को पुलिस ने उठाया
तपन ने बताया कि उनका अडानी ग्रुप से अनुबंध है। उसके लिए ही वह धान खरीद रहे थे। देवचरा की साप्ताहिक बाजार से एक बार में में 20 से 25 लाख रुपये के धान की खरीदारी होती है। उन्होंने बताया कि हर बार गाड़ी वहीं खड़ी करते हैं, जहां आज खड़ी थी। रविवार सुबह घना कोहरा होने के कारण पल्लेदार देर से पहुंचे थे। पल्लेदारों में एक आज पहली बार ही आया था। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
पहले भी हो चुकी हैं वारदातें
वर्ष 2008 में ओमकार सिंह के बहनोई म्याऊ निवासी ओमेंद्र सिंह बदायूं की एसबीआई मेन ब्रांच में रुपये जमा करने आए थे। वह अपना माउजर कार में ही छोड़ गए थे। दस मिनट बाद लौटे तो देखा कि गाड़ी का शीशा खुला है और माउजर गायब है। आधा घंटे बाद कोई कांग्रेस के जिला कार्यालय के सेवादार को माउजर दे गया था।
वर्ष 2013 में ओमकार सिंह का बेटा तपन अपने चाचा ओमपाल सिंह के साथ एसबीआई की मेन ब्रांच से 38 लाख रुपये निकालकर ला रहा था तो तीन बदमाशों ने टायर पंचर करके 38 लाख रुपये रखा थैला छीन लिया था। तब तपन ने पीछा करके पब्लिक की मदद से एक बदमाश को पकड़ लिया था, जबकि उसके दोनों साथी थैला लेकर भाग गए थे।
मौके पर छानबीन के बाद अहम सुराग मिले हैं। कुछ संदिग्धों को उठाकर पूछताछ की जा रही है। जल्द मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
- रमेश भारतीय, एसपी क्राइम