डीजीपी की बिना अनुमति के 2013 में बनाए गए सीओ चतुर्थ के सर्किल को समाप्त किया जाएगा। इसके बाद इज्जतनगर थाने को सीओ प्रथम के क्षेत्र में वापस कर दिया जाएगा। बिथरी चैनपुर थाना नई व्यवस्था के तहत सीओ-तीन के सर्किल में वापस आएगा। डीजीपी जावीद अहमद ने बिना परमीशन नया सर्किल बनाए जाने को गंभीरता से लिया तो पुलिस के आला अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है।
नई व्यवस्था के तहत एसएसपी आकाश कुलहरि ने सीओ चतुर्थ नया सर्किल बना दिया था। किसी आला अफसर ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। डीजीपी की बिना अनुमति के कोई नया सर्किल नहीं बनाया जा सकता है, लेकिन इस नए सर्किल को बनाने में सारे नियमों को तोड़ दिया गया। अफसरों की मनमानी से तभी से सर्किल चार चल रहा है। यहां एक के बाद एक नए सीओ की तैनाती हो चुकी है, लेकिन किसी को सुध नहीं थी। मामले की जानकारी मिलने पर डीजीपी ने पूछा तो डीआईजी ने जांच बैठा दी। एसएसपी खुद इस पूरे मामले को देख रहे हैं। उन्होंने सर्किल बनाए जाने वाली फाइल का अवलोकन कर लिया है, लेकिन फैसला अभी तक नहीं ले पाए हैैं।
दो थाने काटकर बनाया था नया सर्किल
एसएसपी आकाश कुलहरि ने 2013 में सीओ सिटी प्रथम के सर्किल से इज्जतनगर थाने को काटकर सीओ-तीन के सर्किल में जोड़ दिया था। जबकि सीओ तीन के सर्किल से बिथरी चैनपुर और कैंट थाने को काटकर नया सर्किल बनाया था।
2013 से पहले का हाल
सीओ-प्रथम
थाने : कोतवाली, प्रेमनगर, इज्जतनगर, महिला थाना।
सीओ : द्वितीय
थाने : सीबीगंज, सुभाषनगर, किला।
सीओ : तीन
बारादरी, कैंट और बिथरी चैनपुर।
कोट
एसएसपी को अस्थायी चौकी खोलने का अधिकार है लेकिन बिना अनुमति के कोई नया सर्किल नहीं बनाया जा सकता है। पता नहीं किस तरह बरेली में सीओ चतुर्थ सर्किल अस्तित्व में आया। मैं भी हैरान हूं। सर्किल चतुर्थ को समाप्त कर दिया जाएगा। वह पूरे मामले की रिपोर्ट मिलते ही डीजीपी को भेज दी जाएगी।
-आशुतोष कुमार डीआईजी