बरखन गांव में बच्चों के विवाद को लेकर दो समुदाय भिड़ गए। जमकर मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ हुआ। तनाव बढ़ता देख कई थानों की फोर्स बुला ली गई। तब कहीं मामला शांत हुआ। पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से मुकदमे लिखने के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन बच्चों को पकड़ा था। भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र राठौर ने थाने में करीब डेढ़ घंटा धरना देकर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने दो बच्चों को छोड़ दिया।
डीएम के आदेशों पर बरखन गांव में ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता चल रही है। सोमवार को जूनियर हाईस्कूल में खो-खो की प्रतियोगिता हो रही थी, जिसमें एक खतौआ दूसरी बरखन की टीम थी। पीटीआई मनोज ने बरखन टीम के कप्तान फैजान को आउट करार दे दिया था, जिसे फैजान ने नकार दिया। इसे लेकर दर्शकों की फैजान से नोंक-झोंक हो गयी। लोगों ने बमुश्किल उस समय शांत करा दिया। रात 8 बजे बरखन से दिल्ली जाने वाली बस में गांव का ही अमित कुमार बैठा था। गांव के दो दर्जन भर लोगों ने बस से उतारकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। अमित ने रात में ही तहरीर देकर बाबू, आमिर व मुन्ना के विरुद्ध धारा 323/504 में रिपोर्ट दर्ज करा दिया। बाद में ग्राम के हाजी मोहम्मद उमर ने सर्वेश, मुनीष, धर्मवीर, सनी, विनय, छोटा, अरविन्द, राजेश, मदन लाल, सुरेश, टिन्कू, राजू आदि के विरुद्ध एकराय होकर हमलावर होने व दुकान में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। मोहम्मद तस्लीम ने सर्वेश कुमार, अमित कुमार, शिव कुमार, प्रदीप पर गन्दी-गन्दी गालियां देने व मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी, पुलिस ने दोनों तहरीर दर्ज नहीं की। अमित को बस से उतारकर मारपीट किए जाने की खबर ग्राम खतौआ पहुंची तो उसके साथी बरखन-क्योलड़िया चौराहे पर आ धमके। हाजी मोहम्मद उमर की किराने की दुकान के सामने लगा नल तोड़ डाला, दुकान बंद करने के लिए दबाव डाला, जिसको लेकर गाली-गलौच हुई, बराबर में गांव के ही मोहम्मद अशरफ की हेयर कटिंग की दुकान का शीशा तोड़ दिया। दुकानों में तोड़-फोड़ की खबर मिलने पर बरखन के सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए। दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले। बरखन के लोगों ने परमेश्वरी दयाल फौजी की भट्टी तोड़ डाली, जगदीश की दुकान के शटर में पत्थर मारे। जन सेवा केन्द्र का बोर्ड तोड़फोड़ की। इसी बीच पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे मामला शांत किया। साढ़े नौ बजे से सवा दस बजे तक बरखन में दोनों समुदाय के लोगों ने जमकर बवाल हुआ। जिससे बाजार आनन-फानन में बंद हो गया। प्रधान शमशुल ने डीएम के साथ ही प्रशासन के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी, जिस पर एसडीएम अर्चना द्विवेदी, सीओ इन्दुप्रभा सिंह के साथ ही कई थानों की पुलिस फोर्स गांव पहुंच गयी, दोपहर करीब डेढ़ बजे एडीएम प्रशासन अरुण कुमार, एसपी देहात यमुुना प्रसाद पहुंचे और घटना की जानकारी ली। इस बीच पुलिस ने खतौआ एवं बरखन में दबिश देकर तीन बच्चों को हिरासत में लिया गया।
देर शाम को भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र राठौर ने थाने पहुंचकर सत्ता के दबाव में एक तरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाचे हुए धरना दे दिया। करीब डेढ़ घंटा जिलाध्यक्ष के धरने पर बैठने के बाद पुलिस ने दो बच्चों को छोड़ दिया।
हल्का पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
बरखन में चल रही खेलकूद प्रतियोगिता में एक बार पहले भी विवाद हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे भी हल्के में लिया। सोमवार को दिन में हुए विवाद पर भी पुलिस ने सक्रियता नहीं दिखाई। नतीजा रात 8 बजे दिल्ली जा रहे अमित को दो दर्जन ग्रामीण युवकों ने बस से खींचकर बुरी तरह पीट दिया। बरखन के प्रधान शमशुल अंसारी ने भी घटना के लिए हल्का पुलिस की लापरवाही बताया।
खुराफाती जेल जाएंगे
एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि दोनों समुदाय के खुराफाती युवकों को चिन्हित कराया जा रहा है, सबको गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। तीन बच्चे पकड़े गए थे। उनकेे बारे में पता कराया जा रहा है। दोषी होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।