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चेयरमैन के पति और समर्थकों ने डॉक्टर को पीटा, बवाल

Tue, 05 Jul 2016 01:10 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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प्रदश्‍ाऱ्र्शन
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नवाबंगज के बेग राज अस्पताल में निर्माण को लेकर डाक्टर खेम करन गंगवार और चेयरमैन शहला ताहिर के पति डा. ताहिर में पहले ही खींचतान चल रही थी। इसी बीच आरोप है कि बरेली के अस्पताल में भर्ती भाई के लिए गैस सिलेंडर की मांग जब डाक्टर ने ठुकराई तो बौखलाए डा. ताहिर ने समर्थकों समेत बेग राज अस्पताल के चैंबर में घुसकर डॉक्टर, उनकी पत्नी और भाई से मारपीट की। अस्पताल के डॉक्टर ने चेयरमैन के पति और उनके 25 समर्थकों के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं डा. ताहिर ने पेशबंदी करते हुए ठेका कर्मचारी समेत तीन लोगों से डॉक्टर पर मारपीट का आरोप लगाकर पुलिस को तहरीर दिला दी। पुलिस ने निजी अस्पताल के चिकित्सक और भाई के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है।
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 नवाबगंज में मुख्य रोड पर ब्लाक के सामने बेगराज अस्पताल के मालिक डा. खेमकरन गंगवार लंबे समय से अपने अस्पताल का निर्माण करा रहे हैं आरोप है कि सोमवार को नगर पालिका परिषद के ठेका कर्मी मोहम्मद आरिफ को लेकर पालिका परिषद के लिपिक सुरेश पाल अस्पताल के निर्माण को रुकवाने पहुंचे। इनको चेयरमैन शहला ताहिर के पति ने भेजा था। अस्पताल निर्माण रुकवाने पर डाक्टर खेमकरन गंगवार, उनकी पत्नी मधुलिका गंगवार, भाई संतोष और उनके स्टाफ का नगरपालिका कर्मियों से विवाद हो गया। आरोप है कि डॉक्टर के अस्पताल के स्टाफ ने आरिफ की पिटाई कर दी। कई दिनों की नाराजगी चल ही रही थी। इस बीच यह घटना होने पर आरोप है कि चेयरमैन के पति अपने 20-25 समर्थकों के साथ गनर की बंदूक और अन्य हथियार लेकर अस्पताल के चैंबर में घुस गए। उनकी पत्नी मधुलिका गंगवार, भाई संतोष समेत अस्पताल के स्टाफ से जमकर मारपीट की। हालांकि चेयरमैन पति डा. ताहिर ने खेमकरन गंगवार के मारपीट के आरोपों को गलत बताया और कहा कि उनके और अस्पताल के स्टाफ के बीच कोई मारपीट नहीं हुई। अगर ऐसा है तो डा. खेमकरन को अपना मेडिकल कराना चाहिए। 

दोनों तरफ से हुए मुकदमे
बेगराज अस्पताल के मालिक डा. खेमकरन गंगवार की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. ताहिर और अमर सिंह के अलावा 25 अज्ञात समर्थकों के विरुद्ध धारा 147, 148, 149, 323, 504, 506, 384, 354 बी, 394 व 427 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। उधर, चेयरमैन पति डा. ताहिर ने ठेका सफाई कर्मचारी समेत तीन अलग-अलग लोगों से डा. खेमकरन गंगवार के खिलाफ मारपीट की तहरीर दिलवाकर पेशबंदी के तहत उन पर भी मुकदमा दर्ज करा दिया है। 
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भाजपाई धरने पर बैठे  
डा. खेमकरन गंगवार के अस्पताल पर हमला करने और मारपीट करने से गुस्साए भाजपा कार्यकर्ता डा. एमपी आर्य और महाविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष डा. गोपाल सरन अग्रवाल के नेतृत्व में कई डॉक्टरों के साथ कोतवाली आ धमके। यहां भाजपाइयों ने चेयरमैन पति डा. ताहिर को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग को लेकर प्रदर्शन और हंगामा किया। कोतवाली में भाजपाइयों की भीड़ देखकर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। सूचना मिलते ही एसडीएम डा. अर्चना द्विवेदी, सीओ इन्दुप्रभा सिंह और तहसीलदार मलखान सिंह कोतवाली पहुंच गए और हंगामा करने वालों को समझाने का प्रयास किया। इस पर भी वह शान्त नहीं हुए। ये लोग डा. ताहिर को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की मांग करते हुए थाने के गेट पर धरने पर बैठ गए। 

  ताहिर समर्थक दीवार कूदकर थाने पहुंचे  
डा. ताहिर के समर्थक भी थाने की बाउंड्री कूदकर कोतवाली में आ धमके। दोनों धड़ों के आमने-सामने आ जाने से पुलिस-प्रशासन के हाथ पैर फूल गए, बमुश्किल दोनों धड़ों के लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। सीओ द्वारा डा. खेमकरन गंगवार की तहरीर पर दर्ज मुकदमे की नकल सौंपे जाने के करीब ढाई घंटे बाद भाजपा नेता डा. एमपी आर्य प्रदर्शनकारियों को लेकर थाने से चले गए। इसके बाद पुलिस ने डा. ताहिर को घर भेजा।

 सिलेंडर नहीं देने पर बढ़ा विवाद 
डा. खेमकरन गंगवार के अनुसार राकेश सभासद ने फोन पर डा. ताहिर के बड़े भाई को आक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए उनसे सिलेंडर मांगा था। उन्होंने कहा कि सिलेंडर वह दे सकते हैं लेकिन उनके पास रेग्यूलेटर नहीं है। इससे ही चेयरमैन पति खुन्नस मान गए और अस्पताल में आकर उनके परिवार और स्टाफ से मारपीट करने लगे। 
दोनों वर्गों में फैला तनाव 
डा. खेमकरन गंगवार और डा. ताहिर के निजी विवाद से दोनों वर्गों में तनाव फैलने लगा। भाजपा और ताहिर समर्थकों के प्रदर्शन से प्रशासन के भी हाथ पैर फूल गए। सीओ बहेड़ी प्रमोद यादव, सीओ मीरगंज नरेश कुमार, हाफिजगंज, क्योलड़िया थानों की पुलिस फोर्स भी नगर पहुंच गयी, कुछ देर बाद ही एडीएम वित्त मनोज कुमार व एसपी ग्रामीण यमुना प्रसाद ने भी यहां पहुंच कर घटना की जानकारी ली। भाजपा के जिलाध्यक्ष रविद्र सिंह राठौर ने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाही करने की मांग की है।


 
‘मैं अपने बीमार भाई को देखकर बरेली से आ रहा था। अस्पताल के कर्मचारी और ठेका कर्मियों में विवाद हो रहा था। जब बचाने पहुंचा तो अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने मेरे साथ भी अभद्रता कर सोने की चेन छीन ली। मारपीट का आरोप गलत है।  डॉ. ताहिर, चेयरमैन पति 

‘चेयरमैन के पति और उनके समर्थकाें ने मेरे अस्पताल के चैंबर में घुसकर मुझसे, मेरी पत्नी और भाई समेत स्टाफ के साथ मारपीट की। हम बैंक से लोन लेकर अस्पताल बनवा रहे हैं। अगर सरकारी जमीन पर अस्पताल बनवाते तो बैंक हमें लोन ही नहीं देता। चेयरमैन के पति का हर जगह आतंक है। सत्ता के दबाव में वह सबसे रंगदारी मांगते हैं। 2011 में भी वह एक अस्पताल में तोड़ फोड़ कर चुके हैं। इसमें उनको जेल भी जाना पड़ा था।’ डा. खेमकरन गंगवार, अस्पताल मालिक 
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