सेंट्रल जेल के अंदर कैदी सट्टा खेल रहे हैं और इस खेल में शामिल हैं वहां के सिपाही। बैरक सुरक्षा में तैनात दो सिपाही सट्टा किंग के मददगार के रूप में चिह्नित किए गए हैं। सजायाफ्ता कुख्यात बदमाश और विचाराधीन कैदी इन्हीं सिपाहियों के जरिये सट्टा खेलते हैं। सट्टे के इस खेल की भनक वरिष्ठ जेल अधीक्षक तक पहुंचने के बाद दो सिपाहियों की ड्यूटी जेल परिसर के बाहर लगा दी गई।
कुछ समय पहले कैदियों की बैरक में साफ सफाई के दौरान नंबर लिखी हुई पर्चियां बरामद होने के बाद वरिष्ठ जेल अधीक्षक तक सट्टे की जानकारी पहुंची। उन्होंने कैदियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी। इसके बाद कैदियों के पास से नंबर लिखी हुई पर्चियां पकड़ी गईं।
सिपाहियों के मार्फत पहुंचता था रुपया
सिपाही बैरकों में कैदियों के बीच नंबर के दांव लगवाते थे। बाकायदा एक कापी पर लिखा-पढ़त होती थी। इसमें नाम, नंबर दर्ज होते थे। 0 से लेकर 9 नंबर पर सिंगल और 11 से लेकर 99 तक डबल दांव लगाये जाते थे। भाव भी एक का सौ लगवाया जाता है। जिसका दांव लगा उसको सिपाहियों के मार्फत ही रुपया पहुंचवा दिया जाता है। हर रोज शाम के वक्त सट्टा नंबर खुलने के बाद कैदियों तक खबर पहुंचाई जाती थी। फिलहाल मामला खुलने के बाद सख्ती के कारण सट्टे पर रोक लग गई है।
शूटर की सिपाही करवाता था बात
भाजपा नेत्री रंजना सोलंकी के नाम की पांच लाख में सुपारी देने के मामले में चर्चित मामले में बदायूं के शूटर अखिलेश ने जिला जेल के एक सिपाही के नाम का खुलासा किया था। सिपाही के मोबाइल के जरिये ही वह जेल के बाहर संपर्क करता था। हरदोई के एसएसपी राजीव महरोत्रा के पत्र पर सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक ने सिपाही सुनील चौधरी को सस्पेंड करके विभागीय जांच बैठा दी थी।
होगी प्रकरण की जांच
जेल अधीक्षक प्रकरण की जांच करवाएंगे। जेल के अंदर कैदियों के बीच खुफिया तंत्र सक्रिय कर दिया गया है। भविष्य में भी कैदियों की गतिविधियों को ज्यादा निगरानी रखी जाएगी। सट्टा खिलवाने में अगर कुछ नाम और भी सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
सट्टा रोकने के लिए जेल में निगरानी तंत्र बढ़ा दिया गया है। कैदियों को सट्टा नहीं खेलने दिया जाएगा। मामला पकड़ने के बाद दो सिपाहियों की ड्यूटी बदल दी गई है। प्रकरण की जांच करवाई जा रही है।
-पीएन पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
सेंट्रल जेल