रामपुर सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमले में शामिल आतंकी सलीम खां की मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल जेल में इंटेलीजेंस सक्रिय हो गई है। सेंट्रल जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक में सजा काट रहे आतंकी कौसर खां से पूछताछ में एटीएस को सलीम के बारे में अहम जानकारियां मिली थीं। अब उसके पकड़े जाने के बाद सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमले के आरोपी पांच आतंकियों की बैरकों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। मंगलवार को जेल अधीक्षक ने हाई सिक्योरिटी बैरकों का जायजा लिया। अबू धाबी में बिना दस्तावेज छिपे आतंकी के प्रत्यर्पण की खबर के बाद मुंबई एयरपोर्ट से यूपी और महाराष्ट्र की एटीएस ने गिरफ्तारी की थी। सलीम की अबू धाबी में छिपकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने की जानकारी लखनऊ सेंट्रल जेल में बंद खजुरिया का शरीफ उर्फ सुहेल और बरेली सेंट्रल जेल में सजा काट रहे आतंकी जिला प्रतापगढ़ के कुंडा के कौसर खां से मिली थी। यूपी एटीएस सलीम की गिरफ्तारी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लेकर पहुंची। वहीं, सलीम के पकड़े जाने की खबर से बरेली सेंट्रल जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में हलचल बढ़ गई। जेल अधीक्षक के मुताबिक, आतंकियों की बैरक अलग रखी गई है। इस बैरक की सुरक्षा का खास बंदोबस्त किया गया है।
आठ साल पहले हुआ था कैंप पर हमला
रामपुर के सीआरपीएफ कैंप पर 2008 में फौज की वर्दी पहने आतंकियों ने हमला किया था। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में तीन सैन्यकर्मी सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। एटीएस और एसटीएफ के ज्वाइंट ऑपरेशन में बरेली सहित मुंबई, मुरादाबाद, बिहार के आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें मुंबई के गोरे गांव निवासी फहीम अंसारी, बहेड़ी के गुलाम खां, मो. फारुख, जिला प्रतापगढ़ के कुं डा का कौसर खां और मुरादाबाद के मूढ़ा पांडे निवासी जंग बहादुर उर्फ खान बाबा बरेली सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। वहीं, लखनऊ की सेंट्रल जेल में पाक अधिकृत कश्मीर के इमरान शहजाद, खजुरिया का शरीफ उर्फ सुहेल और बिहार मधुबनी का सबाउद्दीन उर्फ सबा को रखा गया है।
वर्जन
सलीम की गिरफ्तारी के बाद सतर्कता बढ़ी है। इंटेलीजेंस सिस्टम भी सक्रिय है। पांच आतंकियों को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है।
- केदारनाथ, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, सेंट्रल जेल