स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नेपाल से लाई जा रही 153 किलो चरस पकड़कर तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चरस की कीमत एक करोड़ 53 लाख बताई जा रही है। एसटीएफ और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा के पास घेराबंदी करके संदिग्ध बोलेरो की जांच में छत पर बनी केविटी (खाली जगह) से छोटे-छोटे पैकेट बरामद की। बड़ी कार्रवाई में नेपाल के तस्कर संजय के साथ मुजफ्फरनगर के अमित धारीवाल का नाम भी खोला गया। एसटीएफ के एडिशनल एसपी प्रशांत कुमार ने प्रेसवार्ता करके मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़ी बातें साझा कीं। एसटीएफ के अनुसार नेपाल के तस्कर का कनेक्शन डी कंपनी से भी होने का अनुमान है।
प्रशांत कुमार ने बताया कि बरेली शाखा बनने के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है। उन्होंने बताया कि बोलेरो की छत पर लगी एक लाइट संदिग्ध लगने पर जांची गई। इस लाइट के नीचे बोलेरो की छत पर बड़ी कैविटी बनाई गई थी। जिसमें छोटे पैकेटों में करीब 153 किलो चरस बरामद की गई। गाड़ी से नितिन कुमार पुत्र मित्तरसैन निवासी मीरापुर मोहल्ला मुक्कलमपुरा जनपद मुजफ्फरपुर, महबूब पुत्र मकसूद निवासी कुबड़ामंडी थाना मंडी मुजफ्फरनगर और शहनाज पत्नी महबूब को गिरफ्तार किया गया।
संजय करवाता था गाड़ी में चरस लोड
तस्करों ने बताया कि बोलेरो को महाराजगंज से नेपाल का संजय लेकर चला जाता था। तस्कर फरेंदा कस्बा में सुसेम हवेली होटल सोनौली रोड पर रूकते थे। संजय गाड़ी में माल लोड करवाने के बाद होटल पर गाड़ी लाकर उन्हें सौंप दिया करता था। तस्करों को चरस के प्रति पैकेट पर एक हजार रुपया दिया जाता था। अवैध चरस को मुजफ्फरनगर के मीरापुर में डिलीवरी होनी थी। तस्कर यहां से उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, चंढीगड़ में आपूर्ति होनी थी। चरस की बड़ी खेप पकड़ने वाली टीम की अगुवाई एसटीएफ प्रभारी अजय पाल सिंह ने की। टीम में कुलदीप, संजीव, दिनेश और मो. अकरम थे। नारकोटिक्स ब्यूरो के अधीक्षक आरएम सिंह और निरीक्षक महेश साथ में थे। एसटीएफ के प्रभारी अजय पाल सिंह ने बताया कि डीजीपी जावीद अहमद ने टीम को बधाई देते हुए 50 हजार का इनाम घोषित किया है।
तस्कर अमित की निकली गाड़ी
बोलेरों में चरस को लादकर मुजफ्फरनगर के मादक पदार्थ के तस्कर अमित धारीवाल को आपूर्ति होनी थी। तस्करों ने बताया कि अमित धारीवाल के लिये यह पांचवीं खेप वह लेकर जा रहे थे। पहली बार हुआ है कि जिस गाड़ी में चरस लाई जा रही थी वह तस्कर की खुद की थी। एसटीएफ नवंबर 2016 से अमित धारीवाल के तस्करों को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। अमित मुजफ्फरपुर में सरकारी ठेकेदार बताया जा रहा है। एसटीएफ ने बताया कि तस्करों के पकड़े जाने के बाद
नेपाल के रास्ते होने वाली तस्करी के पीछे संजय और अमित धारीवाल के नाम सामने आने के बाद दोनों एसटीएफ के टारगेट पर हैं। तस्कर अमित धारीवाल के घर पर दबिश दी जा रही है। जल्द वह गिरफ्तार होगा।
-अजय पाल सिंह, एसटीएफ प्रभारी