मोहर्रम पर कलारी गांव के ताजिये खजुरिया ब्रह्मनान गांव से होकर उमरिया गांव में दफन होने के लिए जाते हैं। सावन के महीने में खजुरिया ब्रह्मनान गांव के कांवड़ियों को उमरिया गांव से निकलने नहीं दिया गया था। इससे गुस्सायें खजुरिया ब्रह्मनान के लोगों ने मोहर्रम के जुलूस का रास्ता ब्लॉक करने के लिए उमरिया जाने वाले रास्ते पर ट्रालियां खड़ी कर दी। विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल भी गांव के लोगों के समर्थन में थे। एडीजी जोन प्रेम प्रकाश और एसएसपी मुनिराज जी. ने जेसीबी बुलाकर रास्ते से ट्रालियों को हटवा दिया। खजुरिया ब्रह्मनान के लोगों को खेतों में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। इसी रास्ते के गांव सिमरा में मंदिर के पास इकट्ठा ग्रामीणों पर भी पुलिस ने लाठियां भांजी। करीब दो दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया। पुलिस कार्रवाई के विरोध में विधायक पप्पू भरतौल ने गांव वालों के साथ मिलकर आत्मदाह की धमकी दी। जिसके बाद पकड़े गये लोगों को छोड़ भी दिया गया। दूसरी तरफ कलारी गांव में लोगों ने शांति का परिचय देते हुए ताजियों को गांव में ही घूमाकर बार्डर पर आकर रख दिये। ताजियों के फूल और मेहंदी को गाड़ी में रखकर उमरिया में ले जाकर दफन किया गया।