बड़ा बाईपास पर अटा कायस्थान गांव के सामने कांवड़ियों ने जाम लगा दिया। उनका कहना था कि पिछले साल हम गांव से होकर निकले थे। इसलिए इस साल भी यहीं से निकलकर जाएंगे। पुलिस लिखित में हमारा रास्ता तय कराए। दरोगा बलराज सिंह ने इसका विरोध किया तो कांवड़ यात्री उनसे भिड़ गए। एसओ राकेश सिंह के समझाने पर किसी तरह जाम खुल पाया।
रविवार को थाना सीबीगंज इलाके के लखमपुर, कोदमपुर और कर्मपुर गांव के कांवड़ यात्री जल लेकर आए और अटा कायस्थान से होकर निकलने लगे। ग्रामीणों ने नई परंपरा शुरू करने का आरोप लगाकर उन्हें रोक लिया। इसे लेकर कहासुनी हो गई। सूचना पर दरोगा बलराज सिंह पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। कांवड़ियों का कहना था कि वह गांव से होकर ही निकलेंगे। विरोध करते हुए कांवड़ियों ने हाईवे जाम कर दिया। प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने समझा बुझाकर परंपरागत मार्ग से ही उन्हें निकलवा दिया। उन्होंने बताया कि पिछले साल कावड़ियों को अटा कायस्थान से होकर निकाल दिया था। उस समय परम्परागत रास्ते से अटा कायस्थान के व्यक्ति का जनाजा निकल रहा था। पुलिस ने वैकल्पिक व्यवस्था तौर पर अटा कायस्थान गांव से कांवड़ियों को निकलवा दिया था। इस साल भी कांवड़िये गांव से होकर ही निकलने की जिद कर रहे थे।
कांवड़िये को थप्पड़ मारने की बात आसपास के गांव में तुंरत फैल गई
स्कूटी सवार युवक पर कांवड़िये को थप्पड़ मारने का आरोप लगा तो हाफिजगंज समेत आसपास के गांवों में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। पहले तो सेंथल-जादौपुर मार्ग पर कांवड़ियों ने ही जाम लगा दिया फिर महिलाएं भी लाठी-डंडे लेकर आ गईं। करीब तीन घंटे तक अफरातफरी मची रही। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामला शांत हुआ। चुनआ गांव से साठ कांवड़ियों का जत्था महंत मुकेश राठौर की अगुवाई में कछला गंगा घाट से जल लेकर लौट रहा था। दोपहर करीब 11 बजे जैसे ही जत्था सेंथल पर पहुंचा तो पीछे रह गए कवाड़िए केशव कुमार ने हल्ला मचा दिया कि पीछे से आकर एक स्कूूटी सवार युवक ने उसे टक्कर मारी है। उसने देखकर चलने की नसीहत दी तो उसे थप्पड़ मार दिया। मामला दो अलग-अलग समुदाय का था इसलिए कांवड़िये भड़क गए। उन्होंने रसुला तालिब हुसैन गांव के पास रोड पर ट्रैक्टर ट्रालियां लगाकर सेंथल-जादौपुर मार्ग को जाम कर दिया। पीछे से आने वाले दर्जनों गांवों के कावड़िये भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। आसपास के गांव वालों को सूचना मिली तो पुरुष, महिलाएं और बच्चे लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंच गए। सीओ नवाबगंज इंदुप्रभा फोर्स के साथ पहुंचीं। उन्होंने जाम लगाकर बैठे कांवड़ियों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर सामने लाने की मांग की। मामला बढ़ने पर क्योलड़िया, नवाबगंज, हाफिजगंज, भोजीपुरा और बहेड़ी सर्किल की पुलिस फोर्स बुला ली गई। एसपीआरए यमुना प्रसाद, एडीएम एफआर मनोज कुमार भी मौके पर पहुंचे और आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इस बीच पुलिस टीम ने आरोपी युवक रसूला तालिब हुसैन निवासी अफसार अहमद को नवाबगंज थाने पर बैठा लिया। सीओ ने इसकी सूचना लाउडस्पीकर के जरिए कांवड़ियों को दी। इस पर दो घंटे बाद जाम खुलने लगा तो पीछे चल रहे कांवड़ियों ने पुलिस पर धक्का देने का आरोप लगाया तो महिलाएं लाठियां लेकर पुलिस पर हमलावर हो गईं। महिलाओं के तेवर देख पुलिस पीछे हटने लगी। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। काफी देर बैठे रहने के बाद तहसीलदार ने माफी मांगकर शांत किया। इसके बाद महिलाओं से अनुरोध कर उन्हें रोड से हटवाकर जाम खुलवाया और कावड़ियों को अपने-अपने गांवों के मंदिरों पर पहुंचाकर जलाभिषेक करवाया गया।
स्कूली बच्चे परेशान हो गए
घंटों लगे जाम में स्कूली बच्चे भी फंस गए। एक बजे छुट्टी होते ही मिशन स्कूल, जीनियस स्कूल और अन्य स्कूलों की वैन निकल नहीं पाई। वाहन में बैठे बच्चे तो परेशान हुए ही अभिभावक भी चिंतित हो गए। बाद में उन्हें पैदल ले जाया गया।
गांव की सियासत के कारण आरोप लगाए जा रहे हैं
मारपीट के आरोपी अफसार अहमद ने पुलिस को बताया कि वह सेंथल कस्बे में सर्राफ का काम करता है। सोमवार को जरूरी काम से ब्लॉक गया था। उसे मारपीट की जानकारी भी नहीं है। गांव की राजनीति के कारण उस पर आरोप लगाया जा रहा है।
रास्ते का विवाद नहीं सुलटा
रसूला तालिब गांव में कांवड़ के रास्ते का विवाद पुलिस प्रशासन अब तक नहीं निपटा पाया था। कई दौर की बैठकें होने के बाद भी दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हैं। एसडीएम और सीओ ने गांव जाकर रास्तों का निरीक्षण भी किया था। गांव से 13 अगस्त को कांवड़िये जल लेने रवाना होंगे।
जाम लगाने वाले कांवड़ियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही मुचलका पाबंद कांवड़ियों से पांच-पांच लाख की वसूली भी कराई जाएगी।
यमुना प्रसाद, एसपी देहात