बरेली। पड़ोसी महिला की दो भैंसों को जहर देकर मारने के आरोपियों ने उसे फंसाने के लिए लूट की कहानी गढ़ दी। इंस्पेक्टर प्रेमनगर के मुताबिक, मामला क्रॉस केस का लग रहा है, फिर भी मुकदमा लिखकर जांच की जा रही है।
प्रेमनगर इलाके के समाधि गौटिया निवासी रिटायर्ड एफसीआई कर्मी ओमप्रकाश के परिवारवालों ने शनिवार सुबह शोर मचाया कि खिड़की के रास्ते उनके घर की छत पर चार बदमाश घुस आए। ऊपर सो रहे ओमप्रकाश के बेटे पवन को तमंचे के बल पर कब्जे में लिया और नीचे आकर पुत्रवधू अलका की पिटाई की। इसके बाद बहन सरिता और भाई सुनील को गन प्वाइंट पर लेकर अलमारी का लॉकर खुलवाया। परिवारवालों का कहना था कि बदमाश अलमारी से पायल, मंगलसूत्र, अंगूठी, टॉप्स, कमर का गुच्छा, नथ, टीका और 28 हजार नकद समेत आठ लाख की संपत्ति ले गए। यही नहीं बदमाशों ने सरिता के जेवर भी नहीं छोड़े। सूचना पर इंस्पेक्टर प्रेमनगर देवेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की तो परिवारवालों ने बताया कि लूटपाट करने वालों में एक महिला भी शामिल थी। दो लोगों को उन्होंने पहचान लिया। इंस्पेक्टर को शक हुआ तो उन्होंने छानबीन की। इसमें पता चला कि पड़ोस की ही प्रेमवती पत्नी घनश्याम ने ओम प्रकाश के पुत्र जितेंद्र, सुनील और पवन के खिलाफ अपनी दो भैंसों को जहर देकर मारने का आरोप लगाया था। इसकी रिपोर्ट 13 जनवरी, 2016 को अदालत के आदेश पर प्रेमनगर थाने में दर्ज की गई थी। प्रेमवती ने रिपोर्ट में कहा था कि 19 नवंबर, 2015 को जितेंद्र, सुनील और पवन ने उनकी दो भैंसों को जहर देकर मार दिया था। इंस्पेक्टर के मुताबिक, मुकदमा दर्ज होने के बाद क्रॉस केस बनाने के लिए ही जितेंद्र, सुनील और पवन ने लूट की कहानी बनाई। इंस्पेक्टर ने बताया कि फिर भी सुनील की ओर से प्रेमवती, उसके पति घनश्याम, पुत्र पिंटू व एक अज्ञात के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।