सड़क पर कुचले मिले गल्ला व्यापारी की उसके ही तीन साथियों ने उधार के रुपये को लेकर हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने गल्ला व्यापारी से 75 हजार रुपये उधार लिए थे, व्यापारी रुपये वापसी का तकादा कर रहा था, जिस पर तीनों ने मिलकर उसे मार डाला। तीन आरोपियों में दो रिश्ते में जीजा और साला हैं, जिन्हें पुलिस ने शुक्रवार को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया। तीसरा आरोपी व्यापारी के ही कस्बे का है, जिसे पुलिस नहीं पकड़ सकी है।
13 अक्टूबर को नवाबगंज कुंडरा मार्ग पर शाहपुर जीसुखराय गांव के पास सड़क किनारे एक शव मिला था। बाद में शव की शिनाख्त रिछा के गल्ला व्यापारी अब्दुल सत्तार के बेटे 30 वर्षीय मोहम्मद अतहर के रुप में हुई थी। मृतक के परिजनों ने शक के आधार पर दमखोदा के यूनुस को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। पूछताछ पर उसने हत्या में अपने जीजा मंडनपुर निवासी आजिम उर्फ इमरान का नाम भी लिया था, जिसे पुलिस ने चार दिन पहले पकड़ लिया। दोनों को जेल भेज दिया गया है। हत्याकांड का तीसरा आरोपी रिछा के निवासी अब्दुल जब्बार का बेटा राशिद है, जो फरार है।
रकम लौटने के बहानेे से बुलाकर मार डाला
बरेली(ब्यूरो)। गल्ला व्यापारी अब्दुल सत्तार से एक साल पहले उसके दोस्त मो. आजिम ने 65 हजार और राशिद ने दस हजार रुपये का उधार लिया था। दोनों ने व्यापारी से वायदा किया था कि एक महीने में रकम वापस कर देंगे। जब उधार नहीं मिला तो गल्ला व्यापारी तकादा करने लगा। इस पर कई बार तीनों के बीच झगड़े हुए थे। 13 अक्टूबर को आरोपी उसे रुपये वापस देने और नवाबगंज का रामलीला मेला दिखाने के बहाने से रिछा से अपने साथ ले आए और जीसुखराय गांव के पास उसका शव फेंक कर फरार हो गए। युवक का शव कुचला हुआ पाया गया था, सर पर गहरा जख्म था। हालांकि पुलिस को अभी तक आला-ए-कत्ल बरामद नहीं हुआ है।
वर्जन
तीनों आरोपी गल्ला व्यापारी के जानने वाले थे, उधार ब्याज पर नहीं दिया गया था। गल्ला व्यापारी और तीन आरोपियों के बीच तकादे को लेकर झगड़ा हुआ जिसके बाद उसकी हत्या की साजिश की गई। फरार आरोपी राशिद पांच साल पहले अपने चचेरे भाई की हत्या कर चुका है, जिसमें वह जमानत पर चल रहा है। दो आरोपियों कोे जेल भेज दिया है, तीसरे की तलाश जारी है।
- अजय कुमार सिंह, प्रभारी थानाध्यक्ष