शादीशुदा होते हुए भी बदायूं की लड़की का धर्म परिवर्तन कराकर शादी करने और बाद में बेटी पैदा होने पर घर से निकाल देने के आरोपी की नौकरी अब खतरे में है। सीओ सिटी प्रथम डा. सतीश कुमार ने सिपाही को जांच में दोषी मानते हुए बर्खास्त करने की संस्तुति आला अफसरों को भेजी है। इस रिपोर्ट के आधार पर उसकी बर्खास्तगी हो सकती है।
थाना जरीफनगर के कस्बा नाधा की रहने वाली लड़की को प्रेमजाल में फंसाकर सिपाही जितेंद्र यादव ने 16 दिसंबर 2013 को धर्म परिवर्तन कराकर शादी कर ली थी। शिकायत पर एसएसपी बदायूं ने सिपाही को नाधा चौकी से हटाक र लाइन भेज दिया था। पहली पत्नी के परिवार वालों की शिकायत को भी पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। सिपाही नोएडा में लड़की को पत्नी की तरह रखता रहा। इस दौरान उसने एक बेटी को जन्म दिया। सिपाही के घर वाले जब उसके पास पहुंचे तो उसे पता चला कि सिपाही ने एक शादी पहले ही की हुई है। लड़की के मुताबिक सिपाही के घर वालों ने उससे अल्टो कार लाने की डिमांड करनी शुरू कर दी। आरोप है कि बाद में पीटकर घर से निकाल दिया। इसके बाद लड़की ने आरोपी पति और उसके परिवार वालों के खिलाफ मुकदमा लिखा दिया। उधर, मुकदमा लिखने के बाद आरोपी सिपाही को एसएसपी ने निलंबित कर दिया। बदायूं से तबादला बरेली होने के बाद सिपाही को बहाल कर दिया गया। लड़की ने करीब दो महीने पहले अपने बच्चे के साथ डीआईजी के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखकर सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। डीआईजी ने मामले की जांच सीओ सिटी प्रथम को दे दी। सीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में सिपाही को दोषी मानकर उसकी बर्खास्ती की सिफारिश कर दी है। सिपाही पर आरोप है कि उसने पहली पत्नी से होते दूसरी शादी की है, जबकि हिंदू लॉ के तहत किसी को संविधान में ऐसा करने की इजाजत नहीं है।