मानव रहित रेलवे फाटक ने खुलने से नाराज खजुरिया और महेशपुर शिव सिंह गांव के लोगों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने करीब पांच घंटे तक धरना भी दिया। एसडीएम के समझाने पर भी वह नहीं माने और वहीं पर ताजिये रखकर लौट गए। ग्रामीणों का कहना था कि इस बार मानव रहित रेलवे फाटक बंद कर देने से उनका रास्ता बंद हो गया है।
दोनों गांवों के ताजिये करीब साढ़े 12 बजे खजुरिया गांव में भैरपुरा बाजार के पास पहुंचे तो फाटक बंद देख नाराज हो गए। लोगों ने वहां नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। प्रधान जिया उल इस्लाम और अल्वी समाज के मंडल अध्यक्ष याकीन अल्वी ने कहा कि पिछले साल तक जुलूस आसानी से निकल जाता था लेकिन इस बार रेलवे ने मानव रहित क्रासिंग को बंद कर दिया है। एक महीने पहले डीआरएम से मिलकर इस बारे में कहा गया तो उन्होंने जुलूस के वक्त फाटक खुलवाने का आश्वासन दिया था मगर अब विभाग मुकर गया। धरने की सूचना पर शाम पांच बजे एसडीएम सदर अपूर्वा दूबे पहुंचीं और समझाने की कोशिश की। इसके बाद लोगों ने वहीं ताजिये रख दिए और घरों को लौट गए।