क्राइम ब्रांच ने लग्जरी गाड़ियों को फाइनेंस से खरीदनेे के बाद उन्हें फर्जी दस्तावेजों से बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य गाड़ियों को बेचने के बाद उनके चोरी हो जाने की रिपोर्ट दर्ज करा देते थे। क्राइम ब्रांच ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से तीन गाड़ियां बरामद की हैं। उनके खिलाफ इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
क्राइम ब्रांच के दरोगा सौरभ सिंह के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर डेलापीर में गांधी उद्यान के पास से फरीदपुर के मोहनपुर निवासी खुर्शीद आलम, आशिफ, सद्दाम और गांधीपुरम फेस-दो के रजत सक्सेना को पकड़ा गया। उनके कब्जे से सफारी, बोलेरो और ओमनी वैन बरामद की गई। छानबीन में सामने आया कि यह गिरोह फाइनेंस से नई गाड़ियां खरीदता था और फिर फर्जी दस्तावेजों से उन्हें बेच देता था। इसके बाद उनकी चोरी की रिपोर्ट दर्ज करा दी जाती थी। क्राइम ब्रांच ने बरामद सफारी के नंबर को एनआईसी की वेबसाइट पर जांचा तो वह पैशन प्रो बाइक का अजित कुमार के नाम पर रजिस्टर्ड नंबर निकला। बोलेरो के नंबर की ऑनलाइन पुष्टि ही नहीं हो सकी।
30 से ज्यादा कारें लगा चुके हैं ठिकाने
गिरोह के सदस्योें के मुताबिक वह एजेंसी से कार निकलवाने के बाद उसकी कुछ किस्तें अदा करते थे। बाद में कार को फर्जी कागजों पर बेच देते थे और फिर थाने में कार चोरी हो जाने की रिपोर्ट दर्ज करा देते थे। बदले हुए नंबर पर चलने वाली कारें पकड़ी भी नहीं जाती थीं। गिरोह अब तक तीस से ज्यादा कारें ठिकाने लगा चुका है।