आईजी नवाबगंज में हुई डकैती और हत्या की पहली वारदात के बाद एलर्ट करते रह गए और कच्छा-बनियानधारी बदमाशों ने एक सप्ताह के भीतर ही भुता में तीसरी वारदात कर डाली। दो घरों में लूटपाट करने के बाद बदमाश करीब ढाई लाख की संपत्ति लूट ले गए। वारदात की सूचना मिलने पर रात में ही भुता पहुंचे एसएसपी समेत कई अधिकारियों ने खुद कई घंटे तक कांबिंग की लेकिन डकैतों के बारे में कोई सुराग नहीं मिला।
भुता में पहली वारदात बदमाशों ने बगैर डिग्री के ही लोगों का इलाज करने वाली विमला के घर पर की। रात ढाई बजे चार बदमाश उनके गेट के जाल को मोड़कर अंदर घुस आए। इस दौरान बहू रेखा और उसके बच्चों के साथ विमला घर के बरामदे और उनका बेटा रिंकू कमरे में सो रहा था। बदमाशों की आहट से विमला जागीं तो उन्होंने तमंचा दिखाकर उनसे अलमारी की चाबी छीन ली। इसके बाद विमला के कानों से कुंडल खींच लिए। विमला लहूलुहान हो गईं। रेखा के भी कुंडल, मंगलसूत्र निकलवा लिए। इस बीच रिंकू ने जागकर शोर मचाने की कोशिश की तो एक बदमाश ने उन पर तमंचा तान दिया। इसके बाद बदमाश अलमारी से भी एक जोड़ी कुंडल, सोने की अंगूठी, दो मोबाइल व एक हजार रुपये लूट ले गए।
इन्हीं बदमाशों ने दूसरी वारदात प्रीति पेट्रोल पंप के सामने गैस सिलेंडर व्यवसायी माखनलाल के यहां की। बदमाश पेड़ के जरिये उनके घर की छत पर चढ़े और जीने से नीचे उतर आए। माखनलाल का बेटा संतोष पत्नी गायत्री के साथ सो रहा था। आहट से दोनों जागे बदमाशों ने तमंचा दिखाकर धमका दिया। गायत्री के कान से कुंडल, मंगलसूत्र और पायलें उतरवा लीं। विरोध पर संतोष के सिर में डंडा मारा। दोबारा कुछ बोलने पर जान से मारने की धमकी दी। यहां से बदमाश दो जोड़ी पायल, तीस हजार रुपये और माखनलाल के दामाद सतीश की पेंट की जेब से पर्स निकालकर ले गए। संतोष की सूचना पर पुलिस पहुंची। एसओ भुता ने सूचना दी तो घंटे भर में एसएसपी समेत कई अधिकारी और कई थाने का फोर्स आ गया। कई घंटे कांबिंग की गई लेकिन बेनतीजा रही। पुलिस ने लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।