आंवला। शोहदों को न कानून का डर है न पुलिस का खौफ। अब आंवला के एक गांव में 10वीं की छात्रा को सरसों के खेत में खींचने का प्रयास किया गया। उसके शोर मचाने और छात्रों के आ जाने से शोहदे धमकी देकर भाग गए। मौका मुआयना करने के बाद भी पुलिस घटना की जानकारी से इनकार कर रही है। छात्रा के परिवार वालों ने दो युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है मगर रिपोर्ट नहीं लिखी गई है।
पिता के साथ सोमवार अपराह्न बाद कोतवाली पहुंची छात्रा ने पुलिस को बताया कि दोपहर 11 बजे लंच टाइम होने पर वह खाना खाने स्कूल से घर जा रही थी। रास्ते में दिगोई गांव के दो युवकों ने उसे पकड़ लिया और खींचकर खेत में ले गए। वह चिल्लाने लगी तो एक ने मुंह बंद करने की कोशिश की। इतने में पीछे से आ रही छात्र दौड़ पड़े। इस पर आरोपी धमकी देकर भाग गए। छात्रा के अनुसार दोनों पहले भी स्कूल आते-जाते समय फब्तियां कसते रहे हैं मगर पढ़ाई छूटने की डर से घर वालों को नहीं बताया। इस बारे में कोतवाल बृजराज सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। वहीं एसएसआई योगेंद्र शर्मा भी जानकारी से इनकार कर रहे हैं। जबकि घर वालों का कहना है कि घटना के बाद हलका दरोगा मौके पर पहुंचे थे और आरोपियों के घर दबिश दी भी मगर किसी नेता का फोन आने के बाद पुलिस पल्ला झाड़ रही है। एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जा रही है। किसी को भी गुंडई नहीं करने दी जाएगी।