रिछौला के जंगल में धान के खेत में मिले शवों में दूसरे मृतक की पहचान भी हो गई। वह कस्बे का ही संजीव श्रीवास्तव निकला जो दूसरे मृतक अमित शर्मा का दोस्त था। शिनाख्त के साथ ही दोनों के शराब पीकर जंगल की तरफ जाने तक की स्थिति साफ हो गई है। अब पुलिस हत्या की वजह और हत्यारों की जानकारी जुटाने में लगी है। परिवार को बरेली ले जाकर पुलिस ने अज्ञात में दर्ज संजीव का शव सौंप दिया।
सोमवार सुबह दो शव मिलने के बाद एक की पहचान पीलीभीत जिला निवासी अमित शर्मा के रूप में हुई थी जबकि दूसरे की पहचान नहीं हो सकी थी। पोस्टमार्टम में दोनों की गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई। डबल मर्डर की सनसनीखेज वारदात में खुलासे की कड़ियां जोड़ने के लिए दूसरे शव की पहचान पुलिस के सामने चुनौती थी जो मंगलवार को दूर हो गई। अमर उजाला में दूसरे शव के हाथ पर लिखा संजीव श्रीवास्तव नाम का फोटो छापा गया था। इसी से शिनाख्त का रास्ता बना। बहेड़ी के लोधीपुर निवासी राजेश श्रीवास्तव ने शव की शिनाख्त अपने भाई संजीव के रूप में की। पुलिस ने काफी देर तक राजेश से पूछताछ की। इससे साफ हुआ कि गलत संगत में रहने की वजह से परिवार के लोग संजीव से ज्यादा मतलब नहीं रखते थे। अमित संजीव का दोस्त था और रविवार रात नौ बजे संजीव के साथ वह लोधीपुर रोड पर राजेश के समोसे के ठेले पर पहुंचा था। वहां राजेश के साथ शराब पी। बाद में और शराब पीने को लेकर जब राजेश ने मना किया तो दोनों उससे झगड़ पड़े। राजेश के मना करने पर दोनों ने अलग हटकर कुछ और शराब पी और झूमते हुए गालियां बकते हुए नैनीताल रोड से पंजाबी कालोनी चौराहे की ओर चले गए। राजेश के मुताबिक उसके बाद रात में संजीव घर नहीं लौटा। चूंकि वह अक्सर कई-कई दिन गायब हो जाता था, इसलिए उन लोगों ने भी उसे नहीं खोजा। राजेश ने बताया कि संजीव कोई काम नहीं करता था। हां, अक्सर सुबह वह जंगल की ओर चला जाता था और उन लोगों के पूछने पर कहता था कि उसने किसी के खेत में पालेज कर रखी है, उसे ही देखने जा रहा है।
इसके बाद पुलिस ने पालेज पर काम करने वाले लोगों से पूछताछ कर घटना की हकीकत पता करने की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक पुलिस इस हत्याकांड के खुलासे के करीब पहुंच गई है। पुलिस को लाइन तो मिल गई है लेकिन उन चेहरों की तलाश है जो वारदात में शामिल हैं।
जेल में हुई थी अमित और संजीव की दोस्ती
शराब, सुल्फे के शौकीन थे, अपराध की दुनिया से था नाता
बहेड़ी। जंगल में मारे गए दोस्तों के कई राज अब खुल चुके हैं। शराब, सुल्फा, जुआ का शौक और अपराध की दुनिया से नाता होने की वजह से संजीव और अमित एकदूसरे के करीब आए और जिगरी दोस्त बन गए। बुरी संगत की वजह से घरवाले इनसे खास मतलब नहीं रखते थे। कई साल पहले अमित लड़की को भगाने के मामले में जेल गया था तो वहीं संजीव चोरी के मामले में जेल गया था। यहीं दोनों की दोस्ती हुई। अमित शादीशुदा था लेकिन संजीव की शादी नहीं हुई थी। सारे गलत फन दोनो में थे। दोनो शराब और सुल्फे के शौकीन थे। भाई राजेश ने बताया कि उसकी संजीव से नही पटती थी। संजीव गलत संगत में था। इसलिए उसकी शादी नहीं हो सकी। चोरी, छेड़छाड़ जैसे मामलों में उसका लोगों से विवाद होता रहता था। संजीव अक्सर घरवालों से भी मारपीट करता था। संजीव की मां रामबेटी के मुताबिक रविवार सुबह 12 बजे संजीव कई दिनों बाद अपने घर पहुंचा था। उनसे खाना मांगा। उनके नाराज होने पर उन्हें धक्का दिया और रसोई में रखा सारा खाना खाकर निकल गया।
शव की फोटो देख गिर गई रामबेटी
संजीव की मां रामबेटी ने बताया कि गैनी गांव में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार ने मंगलवार सुबह फोन कर उनसे पूछा कि संजीव कहां है? उन्होंने जानकारी से इंकार किया तो बताया कि संजीव के हाथ की फोटो आज के अमर उजाला अखबार में छपी है। इस पर रामबेटी व उनके पति लेखराज मोहल्ले के पढ़े लिखे लोगों के पास पहुंचे और उनसे अखबार पढ़वाया। बेहाल दंपति बहेड़ी अमर उजाला कार्यालय पहुंचे। वहां पुत्र के शव की फोटो देख उसे पहचान लिया। थाने में जब इंस्पेक्टर अजय कुमार श्रोतिया ने अपने मोबाइल से कुछ और फोटो दिखाईं तो रामबेटी गश खाकर गिर पड़ीं।
अवैध संबंध में हत्या का शक
पालेज पर मजदूर रात दिन काम करते हैं। इसमें महिला व पुरुष दोनों ही साथ काम करते हैं। पुलिस को शक है कि पालेज पर काम के दौरान संजीव या अमित के किसी महिला से संबंध तो नहीं बन गये थे। इसकी बात जगजाहिर होने पर यह घटना की गई हो। शवों की स्थिति भी कमोवेश यही बयां कर रही थी। पुलिस इसकी तफ्तीश में जुटी है।
वर्जन
पुलिस की जांच चल रही है। शक के दायरे में जो लोग आयेंगे उनसे पूछताछ होगी। पुलिस इस हत्याकांड का खुलासा करने में जुटी है। दूसरे मृतक की शिनाख्त हो जाने से खुलासे में मदद मिलेगी। - अजय कुमार श्रोतिया, इंस्पेक्टर बहेडी