जमीन के विवाद और चुनावी रंजिश में धनुआ गांव में तीन साल के मासूम का एलानिया कत्ल हो गया। 15 दिन पहले ही बच्चे के पिता को खून की होली खेलने की धमकी दी गई थी। तब पुलिस ने पीड़ित की बात को हलके में लेकर भगा दिया था। अब बच्चे को मारकर शव को घर के पास प्लाट में फेंक दिया गया। बच्चा मंगलवार शाम खेलते समय गायब हो गया था। हत्या से घर में कोहराम मच गया। बच्चे के पिता ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफहत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी घरों में ताला जड़कर भाग गए हैं।
गांव के रूपलाल राठौर का तीन साल का बेटा हिमांशु अपने भाई बहन अनुज, अरुण, ज्योति और रीना के साथ देर शाम करीब छह बजे गांव के बाहर खाली मैदान के खेल रहा था। अंधेरा होने पर सभी बच्चे घर पहुंच गए मगर हिमांशु नहीं आया। पूरी रात उसे तलाश गया मगर पता नहीं चला। रात में चौकी की पुलिस भी गांव पहुंची तो घर वालों से तहरीर देने को कहा मगर घर वालों ने सुबह तक इंतजार करने के बाद थाने आने की बात कही। मंगलवार सुबह हिमांशु के चचेरे दादा जमुना प्रसाद के खाली प्लाट में पहुंचे तो उनकी नजर भांग की झाड़ी में पुराल पर पड़ी। उसके हिमांशु की लाश पड़ी थी। उनके चीखने पर घर वाले दौड़ पड़े। सूचना पर एसओ अमर सिंह भी आ गए। बच्चे के मुंह से खून निकला हुआ था। चेहरे और दोनों गालों को सुई से बुरी तरह से गोदा गया था। गर्दन भी सूजी हुई थी। मृतक के पिता रूपलाल राठौर ने गांव के बुद्धसेन, भगवत सरन और जागनलाल के खिलाफ हत्या कर देने का मुकदमा कायम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह और नाक दबाकर दम घूंटने की बात सामने आई है।
रूपलाल राठौर ने बताया कि पंद्रह दिन पहले बुद्धसेन, भगवत सरन और जागन लाल ने दोपहर के करीब तीन बजे उनके खेत पर लगे मिर्च के पचास से ज्यादा पेड़ काट दिए थे। उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट कर दी। आरोपियों ने धमकी दी थी कि बहुत जल्द खून की होली खेलकर चैन लेंगे। तू नहीं तो तेरे बेटे को जान से मार देंगे। उसने थाने जाकर पुलिस को तहरीर दी तो पुलिस ने आरोपियों का ही पक्ष लिया। जान माल के खतरे की बात को भी गंभीरता से नहीं लिया।
प्रधानी के चुनाव में रंजिश मान रहे थे
बहेड़ी। रूपलाल ने पुलिस को बताया कि प्रधानी के चुनाव में आरोपियों का चचेरा भाई सुम्मेरी प्रधानी का चुनाव लड़ा था। रूपलाल ने पास के गांव आसपुर खेडा के रमेश कुमार का समर्थन किया था। रमेश चुनाव जीत गया। इससे आरोपी रंजिश मानने लगे थे। मतगणना के बाद गांव में सामूहिक दावत हुई जिसमें आरोपियों ने देख लेने की धमकी दी थी।
नौ बीघा जमीन भी थी रजिंश का कारण
बहेड़ी। बुद्धसेन पास के गांव कुआटांडा निवासी सिपाही बृजेश गंगवार की नौ बीघा जमीन ठेके पर थी। एक साल से यह ठेका रूपलाल के पास था। आरोप है कि इसे लेकर बुद्धसेन और उसका परिवार नाराज था।
मां ने सुध बुध खो दी
बहेड़ी। मासूम हिमांशु की लाश मिलते ही मां गीता देवी बेहोश हो गई। वह बार-बार कह रही थी कि वह जिद करके खेलने चले गया जबकि आवारा कुत्तों के डर से वह घर से बाहर नहीं जाने देती थीं। उसने एक नहीं मानी।
पुलिस गंभीर होती तो शायद बच जाती जान
एसओ देवरनियां अमर सिंह कह रहे हैं कि 15 दिन पहले हमारे पास कोई तहरीर नहीं आई। उन्होंने झगड़े की सूचना से भी इनकार किया है। यदि उस समय ही आरोपियों पर कार्रवाई होती तो शायद हिमांशु की जान बच जाती।
कोट
प्रधानी के चुनाव में रूप लाल ने मुझे चुनाव लड़ाया था। इसके बाद से आरोपी उससे रंजिश मानने लगे थे। एक बार मेरे सामने ही बुद्धसेन ने रूपलाल को जान से मारने की धमकी दी थी।
-रमेश कुमार ग्राम प्रधान धनुआ।
कोट
तहरीर के आधार पर मुकदमा कायम कर दिया गया है। वैसे प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। समझ नहीं आ रहा कि रंजिश में तीन साल के बच्चे को कोई क्यों मार देगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपियों की धरपकड़ की जाएगी।
- अमर सिंह एसओ देवरनियां।