ससुराल में रह रहे एक युवक की मंगलवार को शीशगढ़ में गला दबाकर हत्या कर दी गई। भोजीपुरा के अटा पट्टी में रहने वाले मृतक के भाई ने पत्नी व ससुरालियों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को पोस्टमार्टम में युवक के गला दबाकर मार डालने की पुष्टि हुई है। हालांकि युवक के ससुराल वालों का कहना है कि वह एड्स से पीड़ित होने के कारण अवसाद से ग्रस्त था। जिसके चलते उसने फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली। एसओ भोजीपुरा ने बताया कि मृतक के परिजन अगर तहरीर देंगे तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
30 वर्षीय ओमप्रकाश डेढ़ साल से अपने ससुराल शीशगढ़ के खमरिया गांव में पत्नी निशि के साथ रह रहा था। ससुर शिवहरि का कहना है कि ओमप्रकाश ने मंगलवार दोपहर ढाई बजे फांसी लगाई है। वहीं दूसरी ओर ओमप्रकाश के भाई रमेश चंद्र सारस्वत का आरोप है कि उन्हें मंगलवार शाम छह बजे छोटे भाई के मौत की सूचना मिली। वह घर जाकर भाई के शव और उनकी पत्नी निशि को अपने साथ घर भोजीपुरा के अट्टा पट्टी ले आए। उनका आरोप है कि उन्हें ससुराल पक्ष ने फांसी लगाने की कोई बात नहीं बताई। मंगलवार देर रात तक जब गांव के लोग शोक जताने घर आ रहे थे, तब अचानक उनकी नजर ओमप्रकाश की गर्दन पर पड़ी, जिसे शर्ट का ऊपरी बटन बंद करके छिपाया गया था। उसी समय शर्ट का बटन खोला तो मृतक के गले पर नीले निशान थे। शक होने पर उन्होंने निशि पर दबाव बनाया। भाई का कहना है कि निशि ने कहा है कि ओमप्रकाश ने परेशान होकर फांसी लगा ली थी। इसके बाद रमेश चंद्र देर रात शव लेकर भोजीपुरा थाना पहुंचे। इसके बाद अगली सुबह मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
तीन साल पहले घर छोड़ चुका था ओमप्रकाश
मृतक के भाई रमेश चंद्र सारस्वत ने बताया कि उसका ओमप्रकाश चार भाइयों में सबसे छोटा है। उनके माता-पिता की मौत हो चुकी है। रमेश चंद्र का कहना है कि उनका भाई तीन साल पहले घर छोड चुका था। वह लालकुआं में गाड़ी चालक था, जहां उसका परिचय शीशगढ़ के खमरिया निवासी शिवहरि से हुआ। शिव हरि रोडवेज बस चालक है। शिवहरि ने अपनी तलाक शुदा बेटी निशि की उससे शादी करा दी।
एड्स का मरीज था युवक
ओमप्रकाश एड्स का मरीज था, उसका इलाज जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर से चल रहा था। ससुर शिव हरि ने बताया कि वह बीमार रहता था, उसकी 22 जून 2015 को जांच कराई गई, जिसमें वह एचआईवी पॉजिटिव निकला।
20 बीधा जमीन का मालिक था ओमप्रकाश
भाई रमेश चंद्र का कहना है कि चारो भाइयों का बंटवारा हो चुका था। जिसमें ओमप्रकाश को 20 बीधा जमीन मिली थी। उसने कुछ जमीन बेचकर बोलेरो गाड़ी खरीदी थी, वह वही गाड़ी चलाकर कमाई करता था।