बरेली। संभल के बनियाठेर थाने से दो महीने पहले बहनोई के भाईयों पर जानलेवा हमला करने के आरोप में जेल गए बरेली के सिपाही शेर सिंह यादव पर अफसर भी मेहरबान हैं। एसओ ने निलंबन की रिपोर्ट ही नहीं भेजी। इसलिए उसके खिलाफ अभी तक कार्रवाई ही नहीं हो पाई है। पीड़ित के एसएसपी धर्मवीर यादव से शिकायत करने पर सीओ चतुर्थ संतोष सिंह ने जांच शुरू कर दी है।
मामला थाना बनियाठेर के देवरखेड़ा गांव की है। बहनोई अवधेश यादव से आत्महत्या कर लेने के बाद सिपाही शेरसिंह अपनी पत्नी और मां के साथ बहन से मिलने उसकी ससुराल गया था। वहां उसकी बहनोई के भाईयों के मारपीट हो गई थी। इस मामले में शेरसिंह के खिलाफ राजीव उर्फ पप्पू यादव ने जानलेवा हमला करने के आरोप में मुकदमा लिखा दिया था। इस मामले को लेकर सियासत होने पर पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया था। सिपाही अभी भी मुरादाबाद जेल में बंद है, लेकिन अभी तक निलंबित नहीं हुआ है। जबकि नियमानुसार मुकदमा लिखे जाने के बाद उसके निलंबन की रिपोट एसओ को भेजनी चाहिए थी। बृहस्पतिवार को राजीव उर्फ पप्पू ने एसएसपी बरेली से मिलकर सिपाही के निलंबन की मांग की। उन्होंने इस मामले की जांच सीओ चतुर्थ को सौंप दी है। सीओ ने इस मामले में संभल से मुकदमा का पूरा ब्यौरा मंगाया है। साथ ही वादी को बयान के लिए बुलाने को पत्र जारी करा दिया है। सीओ ने बताया कि जांच के दौरान वह सभी पक्षों के बयान लेंगे। इसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।