श्री टीबरीनाथ मंदिर में बाबा भोलेनाथ का शृंगार होने के बाद जलाभिषेक करने को लेकर भक्त और पुजारी आमने-सामने आ गए। भक्तों का कहना था कि वे शाम को रोजाना जलाभिषेक करते हैं, इसलिए आगे भी करेंगे, लेकिन पुजारियों का कहना था कि शृंगार के बाद जलाभिषेक नहीं होने देंगे। इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। बता दें कि बाबा का शाम को शृंगार कुछ दिन पहले से ही शुरू हुआ है।
बृहस्पतिवार को मंदिर के पुजारियों ने यह निर्णय लिया कि अब शाम को भी बाबा का शृंगार किया जाएगा। इसके बाद ही बाबा का शाम को शृंगार शुरू हुआ। सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे कुछ श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और जलाभिषेक करने की जिद करने लगे। उनका कहना था कि वे काफी समय से शाम को बाबा का जलाभिषेक करते आ रहे हैं। मंदिर के पुजारियों ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। बाद में कुछ लोगों के समझाने पर वह सुबह के सत्र में ही जलाभिषेक करने पर राजी हो गए। हालांकि कुछ लोग इस पर सहमत नहीं हुए। वे काफी देर तक मंदिर में पुजारियों से उलझते रहे और फिर सुबह आने की बात कहकर चले गए।
वर्जन
हम लोगों ने निर्णय लिया था कि शाम को भी बाबा का शृंगार किया जाएगा। इसके बाद जलाभिषेक नहीं होगा। इससे ज्यादातर लोग सहमत हैं। जो लोग सोमवार को शृंगार के बाद जलाभिषेक करने आए थे, उनका किसी ने हाथ तो नहीं रोका। अगर उनका दिल गवाही दे तो वे शृंगार के बाद जलाभिषेक करें।
- मनोज मिश्रा, पुजारी, शिवालय।
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कमेटी को इस पर कोई आपत्ति नहीं है कि शाम को बाबा का शृंगार होनेे के बाद जलाभिषेक न हो। यह तो श्रद्धालुओं के सोचने की बात है, कि वे बाबा के शृंगार के बाद जलाभिषेक करें या न करें।
संजीव औतार अग्रवाल, मीडिया प्रभारी, टीबरी नाथ मंदिर कमेटी