मासूम बच्चियों से दरिंदगी के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए एडीजी ने सभी नौ जिलों के पुलिस कप्तानों को स्पेशल पुलिस दस्ता तैयार करके ऐसे मामलों में तेज पैरवी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जनवरी से अब तक हुए मासूमों के साथ दरिंदगी के सभी केसों की सूची तैयार करने को कहा है, ताकि इन मामलों में आरोपियों के खिलाफ हुई कार्रवाई और कोर्ट में पैरवी की समीक्षा की जा सके।
एडीजी प्रेमप्रकाश ने बताया कि बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में भारत के राजपत्र में असाधारण गजट द्वारा ऑर्डिनेंस पास किया गया है। इसके द्वारा भारतीय दंड संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, दंड प्रक्रिया संहिता और पाक्सो एक्ट 2012 में संसोधन किया गया है। एडीजी ने जोन के सभी नौ एसएसपी को निर्देश जारी किए हैं कि बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में 376 एबी, सामूहिक दुष्कर्म की घटना में 376 डीए और डीबी नई धाराएं जोड़ी गईं हैं। उन्होंने बताया कि 12 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के साथ दुष्कर्म की एफआईआर, विवेचना, वादों की पैरवी के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। एसएसपी को ऐसे संवेदनशील मामलों में खुद मौके पर जाकर छानबीन करने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि बदलाव के बारे में आम लोगों को भी बताया जाए।
स्पेशल पुलिस दस्ता करेगा मॉनीटरिंग
बालिकाओं के साथ होने वाले अपराध में शीघ्र कार्रवाई एवं अभियोजन की गति तेज करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में पैरवी के लिए विशेष पुलिस दस्ता बनाया गया है। यह विशेष पुलिस दस्ता बालिकाओं के साथ होने वाले अपराध के मामले में साक्ष्य संकलन के बाद जल्द से जल्द चार्जशीट फाइल करके फास्ट ट्रैक कोर्ट में पैरवी करेगा। एडीजी के मुताबिक यह प्रयास अभियुक्त को कम से कम समय में सजा दिलाने के लिए किया जा रहा है।
किशोरी से दुष्कर्म के मामले में इन धाराओं का हुआ इजाफा
376 एबी - 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म होने पर।
376 डीए - 16 साल की बच्ची से एक या एक से अधिक व्यक्ति द्वारा दुष्कर्म करने पर।
376 डीबी - 12 साल की बच्ची से एक से अधिक व्यक्ति द्वारा दुष्कर्म करने पर।
बालिकाओं के साथ होने वाली दरिंदगी से सख्ती से निपटने के लिए कवायद की जा रही है। नौ जिलों के कप्तानों को दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। जनवरी से हुए दुष्कर्म के मामलों की सूची तैयार की जा रही है। मैं खुद मॉनीटरिंग कर रहा हूं। - प्रेमप्रकाश, एडीजी बरेली जोन