केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने के बाद अस्पतालाें को सतर्क हो जाना चाहिए, लेकिन मंगलवार को जिला अस्पताल में हुई घटना से जाहिर हो गया कि ऐसा हो नहीं रहा है। न्यू सर्जरी वार्ड के बाहर खाना बनाते समय सिलेंडर का पाइप फट गया और आग भड़क उठी। इससे आसपास उगी घास ने भी आग पकड़ ली। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने में आग लग गई। शुक्र रहा कि बड़ी घटना नहीं हुई।
न्यू सर्जरी वार्ड में बाहर से आने वाले मरीजों के तीमारदारों के रहने और खाने-पीने की सुविधा के लिए अभी रैन बसेरा नहीं शुरू किया गया है। ऑपरेशन थियेटर के सामने ही तीमारदारों ने अपना सामान इकट्ठा कर रखा है। इसमें कपड़े और बिस्तर हैं। छोटा सिलेंडर और चूल्हा भी रखा हुआ है। सुबह और शाम खाना बनाने के लिए तीमारदार इसी चूल्हे का उपयोग करते हैं। मंगलवार को न्यू सर्जरी वार्ड में भर्ती मरीज की तीमारदार ने वार्ड के बाहर ही खाना बनाने के लिए चूल्हा जलाया। आसपास के लोगाें ने डांटा तो वह कुछ मीटर की दूरी पर रैन बसेरे के पास खाना बनाने लगी। इतने में सिलेंडर का पाइप फट गया और गैस लीक होने लगी और आग भड़क गई। आसपास मौजूद घास में भी आग लग गई। लोगों ने कपड़े डालकर आग बुझाने की कोशिश पर आग और भड़क गई। उधर, सूचना पर दमकल की गाड़ी पहुंची तो आग बुझाई जा सकी। अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. केएस गुप्ता ने बताया कि वार्ड के बाहर खाना बनाते समय सिलेंडर में आग लग गई थी, लेकिन इसे बुझा लिया गया। रैन बसेरे को शुरू कर दिया जाएगा तो यहीं पर लोग खाना बनाएंगे।