बरेली। तीन तलाक पीड़ित महिलाओं की लड़ाई लड़ने वाली मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी और आला हजरत फाउंडेशन की अध्यक्ष निदा खान के खिलाफ फतवा जारी कर उन्हें चोटी काटकर देश से बाहर खदेड़ने पर इनाम का एलान करने वाला ‘चोटीकटवा’ अब कानूनी शिकंजे में फंस गया है। उसके खिलाफ बारादरी थाने में दरोगा ने आचार संहिता उल्लंघन में रिपोर्ट कराई है। नया मामला एक भड़काऊ ‘चुनावी फतवा’ जारी करने का है।
फैजाने मदीना कौंसिल के अध्यक्ष मोइन खां नूरी के खिलाफ कांकरटोला चौकी प्रभारी रविंद्र सिंह की ओर से बारादरी थाने में रिपोर्ट कराई गई है। दर्ज कराया है कि कांकरटोला की एक चुनावी सभा में वे पहुंचे तो वहां काफी भीड़ हाथ में पर्चे लेकर खड़ी थी। कई पर्चे मौके पर पड़े भी थे। लोग उत्तेजित होकर नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने देखा कि पर्चों पर बीस अप्रैल की एक प्रेस विज्ञप्ति है। इसमें नूरी की ओर से मुुस्लिमों से अपील की गई है कि एक खास राजनीतिक दल को वोट न करें। यह पार्टी चुनाव में एक समुदाय विशेष के वोटों पर दावा कर रही है, लेकिन जब तीन तलाक को लेकर संसद में कानून पारित हो रहा था और बिथरी चैनपुर में हमले हो रहे थे और निर्दोष लोगों को जेल भेजा जा रहा था तो इस राजनीतिक दल के नेताओं ने चुप्पी साध ली थी। उसने यह सवाल भी उठाया है कि जो बेटा अपने बाप का ही नहीं हुआ, वह किसी और का क्या होगा ? इस तरह से चुनाव पूर्व यह पर्चे वोटरों को भड़काने और प्रभावित करने जैसे हैं। इसलिए आरोपी पर कार्रवाई जरूरी है। बारादरी इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोप और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि फरहत और निदा के खिलाफ चोटी काटने का फतवा जारी करने में एफआईआर दर्ज होने के बाद कई महीनों से फरार है। इसी दौरान वह चोटीकटवा नाम से मशहूर हुआ था। पुलिस ने उसे तलाश करने की कोशिश नहीं की जबकि वह लगातार शहर में मौजूद रहकर बयान जारी करता रहा।