बरेली। ऊपर से चाइनीज मांझे को बिक्री को पूरी तरह बंद कराने का आदेश आने के बाद पांच महीने पहले सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला ने मांझा कारोबारियों पर हल्की-फुल्की कार्रवाई की, फिर यह कहकर कार्रवाई रोक दी कि उन्होंने कारोबारियों को जागरूक कर दिया है, अब वह खुद ही चाइनीज मांझा बेचना बंद कर देंगे। कुछ कारोबारियों से चाइनीज मांझा जलवाते हुए नुमाइशी फोटो भी मीडिया को मुहैया कराया गया लेकिन चाइनीज मांझा अब भी पहले की तरह बाजार में बिक रहा है और लोगों की गर्दनें भी काट रहा है।
उधर, बरेली कॉलेज की तरफ श्यामगंज पुल पर बिजली के पोल पर बंधा तार टूट गया है। यह तार इसलिए बंधवाए गए थे ताकि पतंग का मांझा पुल पर नीचे न गिर पाए। लोगों ने बताया कि कटकर गिरी पतंगे इन्हीं तारों में उलझी रहती हैं। पतंगबाजी के शौकीन इन पतंगों को हथियाने के चक्कर में तारों में फंसा मांझा से खींचते हैं तो तार या तो ढीले पड़कर लटक जाते हैं या टूट जाते हैं। इसी वजह से अब पुल पर फिर हादसे होने लगे हैं।
बाल-बाल बचा साइकिल सवार
श्यामगंज पुल पर बृहस्पतिवार को ही दोपहर करीब डेढ़ बजे साइकिल पर जा रहे महेंद्र कुमार की भी गर्दन में चाइनीज मांझा उलझ गया। उन्होंने साइकिल से उतरकर मांझे को गले से निकालकर पुल के किनारे फेंका ताकि उनकी तरह कोई और व्यक्ति उसकी चपेट में न आ जाए।