गुलजार की हत्या के बाद दो किशोर हत्यारोपियों को कटीकुईयां मोहल्ले में उनके घर से पकड़ने के बाद बारादरी थाने की हवालात में डाल दिया गया। ज्यूविनाइल एक्ट के उल्लंघन का यह मामला आईजी ध्रुवकांत ठाकुर तक पहुंचा तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
किशोर अपराध के मामलों में बाल मित्र थाने बनाए गए हैं। ज्यूविनाइल एक्ट के मुताबिक, बच्चों की मनोदशा पर बुरा प्रभाव न पड़े, इसलिए पुलिस उनसे बावर्दी पूछताछ नहीं कर सकती है। बच्चों को घर जैसा माहौल देने के लिए एसएसपी कार्यालय में किशोर थाना अलग से बनाया गया है, लेकिन बारादरी थाना प्रभारी ने सुनील पचौरी ने इन नियमों को ताक पर रख दिया। वे दबिश देकर दोनों हत्यारोपी किशोरों को पकड़कर थाने ले आए और फिर पूछताछ करने के बाद उन्हें हवालात में डाल दिया। सोमवार दोपहर तक दोनों हवालात में रहे, इसके बाद उन्हें किशोर न्यायालय में पेश किरया गया। जहां से दोनों को किशोर सदन भेज दिया गया।
एडीजी ने सीओ तृतीय को सौंपी जांच
नाबालिगों को हवालात में डालने के प्रकरण को एडीजी प्रेमप्रकाश ने गंभीरता से लेकर देर रात सीओ तृतीय को इसकी जांच सौंप दी। उन्हें तीन दिन में जांच आख्या देने को कहा गया है। इस मामले में बारादरी थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
यह बारादरी थाना प्रभारी की घोर लापरवाही है। मैंने पूरे मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। किशोरों को हवालात में नहीं रखा जा सकता है। - ध्रुवकांत ठाकुर, आईजी बरेली रेंज