नहीं चली विधायक की, एएसपी ने वकील के पिता को भेजा जेल
सोमवार रात को उठाया, मगर गिरफ्तारी दिखाई मंगलवार की शाम पांच बजे
बार एसोसिएशन ने तहसील गेट पर प्रदर्शन कर की एएसपी को हटाने की मांग
वकीलों ने एएसपी को हटाने पर कामकाज ठप करने की चेतावनी दी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदपुर/बरेली।
विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल के भरसक विरोध के बावजूद एएसपी अविनाश कुमार ने वकील विपिन यादव के पिता नेम सिंह को आर्म्स एक्ट में बुधवार को जेल भेज दिया। फरीदपुर की बार एसोसिएशन में इससे उबाल आ गया। गुस्साए वकीलों ने पहले मीटिंग कर एएसपी को हटाने की मांग की और फिर तहसील गेट पर प्रदर्शन करके उनका पुतला भी फूंका। चेतावनी दी कि अगर एएसपी को नहीं हटाया गया तो वे कामकाज ठप कर देंगे। इधर, फरीदपुर विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल ने बताया कि उन्होंने यह मामला सीएम कार्यालय तक पहुंचा दिया है।
फरीदपुर के वकीलों ने साथी विपिन यादव के पिता नेम सिंह को जेल भेजे जाने के बाद कार्य बहिष्कार कर तहसील सभागार में बैठक की। इसमें सोमवार रात घर से नेम सिंह को उठाने के बाद मंगलवार शाम पांच बजे उनकी गिरफ्तारी दिखाने का मुद्दा उठा। वकीलों ने कहा कि एएसपी अविनाश मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की। इसके बाद अधिवक्ताओं ने तहसील गेट पर धरना-प्रदर्शन किया और एएसपी का पुतला फूंका। उनकी मांग थी कि एएसपी को तत्काल हटाया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो धरना-प्रदर्शन और हड़ताल जारी रहेगी।
यह है पूरा मामला
फरीदपुर के चौडे़रा गांव में हर्ष फायरिंग के मामले में हिस्ट्रीशीटर राजेश की गिरफ्तारी के बाद उसके साथियों को पकड़ने के लिए एएसपी अविनाश कुमार ने सोमवार रात नवादा बिलसंडी गांव में दबिश दी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने वकील विपिन यादव के पिता नेम सिंह के घर में तोड़फोड़ की और एक तमंचा और कारतूस की बरामदगी दिखाकर नेम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उन पर हर्ष फायरिंग में शामिल होने का आरोप लगाया गया जबकि लड़की पक्ष के लोगों ने थाने आकर पुलिस को बताया कि नेम सिंह उनके यहां शादी में शामिल नहीं हुए थे। इस मामले में फरीदपुर विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल ने एडीजी प्रेमप्रकाश से एएसपी की मनमानी की शिकायत की। कहा, पुलिस नेम सिंह को तमंचा रखने के आरोप में गिरफ्तार दिखा रही है, जबकि तमंचा नेम सिंह के कब्जे से नहीं मिला है। उन्होंने धरना-प्रदर्शन की धमकी दी, हालांकि एडीजी के हस्तक्षेप के बाद वह शांत हो गए थे।
मुख्यमंत्री कार्यालय को इस मामले की जानकारी दे दी गई है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। फरीदपुर विधान सभा क्षेत्र में किसी के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी। मैं अधिवक्ताओं के साथ हूं। जरूरत पड़ी तो उनके साथ आंदोलन भी करूंगा। - डॉ. श्याम बिहारी लाल, विधायक फरीदपुर