कशमकश में पुलिस: शहर से ट्रक बाहर कराने जुटी पुलिस ने अनमने ढंग से चलाया अभियान
महीना छोड़ें या ट्रक खदेड़ें
ट्रक खदेड़ने और चालान काटने से रोकने व्यापारी नेताओं ने खोली महीना देने की पोल
नो एंट्री के वक्त शहर में खड़े मिले ट्रकों से वसूला गया जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
करीब दस साल पहले भी ट्रांसपोर्टनगर बसाने के लिए शहर में खड़े होने वाले ट्रकों को बाहर खदेड़ दिया गया था, तब सेटेलाइट से श्यामगंज जाने वाली सड़क की ऐसी चौड़ाई सामने आई थी कि देखने वाले लोग दंग रह गए थे, लेकिन सोमवार को फिर वैसा ही अभियान चलाए जाने के बाद भी सड़क वैसी खुली नहीं दिखाई दी। वजह यह रही कि अभियान के दौरान पुलिस काफी कशमकश में दिखाई दी। ट्रकों को शहर से हटाने का अभियान उतनी सख्ती से नहीं चल पाया, जैसी जरूरत थी। अभियान के दौरान कई जगह ट्रक खड़े दिखाई दिए। छोटे मालवाहक वाहनों को भी कई जगह पुलिस ने अनदेखा कर दिया। कई जगह ट्रक खदेड़ने की कार्रवाई के दौरान व्यापारी नेता सामने आ गए। उन्होंने पुलिस वालों से खुलकर सवाल कर डाला कि जब महीना ले चुके हो तो ट्रकों का चालान क्यों काट रहे हो।
डीएम के आदेश पर ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की कवायद सोमवार को शुरू हुई। यातायात पुलिस ने शहामतगंज से लेकर सौ फुटा रोड होते हुए स्टेडियम रोड की तरफ अभियान चलाया। दरअसल कोशिश की जा रही है कि कि स्मार्ट सिटी बनने जा रहे शहर की सूरत को कुछ सुधारा जाए, लेकिन पुलिस उतनी सख्ती से अभियान नहीं चला सकी, जैसी उम्मीद की जा रही थी। कई जगह ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी और व्यापारी नेता पुलिस से उलझ गए। यातायात पुलिस पर दबाव बनाकर ट्रक छुड़ाने की कोशिशें होती नजर आईं। शाम तक यातायात पुलिस ने ट्रांसपोर्टरों को हिदायत देकर चालान और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई करती रही, लेकिन फिर भी शहर पूरी तरह ट्रकों के कब्जे से मुक्त नहीं हो पाया।
सौ फुटा रोड पर ट्रांसपोर्टर गुरप्रीत बग्गा के चार ट्रक पेट्रोल पंप पर खड़े मिले। यातायात पुलिस जुर्माना काटने की तैयारी कर रही थी कि ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरजीत सिंह पहुंच गए। पुलिस वालों को परिचय देकर कहा कि पेट्रोल पंप पर सिर्फ आज ट्रक खड़े हुए थे। थोड़ी रियायत दे दी जाए। यातायात पुलिस के अड़ने के बाद ट्रांसपोर्टर गुरप्रीत बग्गा भी आ गए। पुलिस पर दबाव बनाया जाने लगा कि बिना जुर्माना किए ट्रकों को छोड़ दिया जाए। अमरजीत सिंह ने कहा, जब मैं आ गया हूं तो जुर्माना डालने की क्या जरूरत है। करीब तीस मिनट तक चली जद्दोजहद के बाद यातायात पुलिस ने तीन ट्रकों का जुर्माना काट सकी, एक को ट्रांसपोर्टर बिना कार्रवाई के छुड़ा ले गए।
नेता जी, मैं आपका यार नहीं हूं
यातायात विभाग की टीम स्टेडियम रोड पर स्थित बंसल मार्बल की दुकान पर पहुंची। यहां ट्रक से मार्बल अनलोड करने का काम चल रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करने के लिए ट्रक चालक से कागज दिखाने को कहा तो एक व्यापारी नेता नवीन अग्रवाल पहुंच गए। इंस्पेक्टर को समझाने के चक्कर में यार शब्द का इस्तेमाल कर बैठे तो इंस्पेक्टर विनोद कुमार शर्मा भड़क गए। बोले, मैं आपका यार नहीं हूं। मैं सरकारी अफसर हूं। सरकारी काम में बाधा न बनो। जिसके बाद नेताजी शांत हो गये। पुलिस ने दो हजार का जुर्माना वसूला।
वित्त मंत्री की बहन के ट्रांसपोर्ट पर सिर्फ हिदायत
वित्त मंत्री की बहन के मकान में चलने वाले शीला इंटर प्राइजेज पर ट्रक माल अनलोड करते हुए मिला। मामला वित्त मंत्री का था, लिहाजा चालक और गोदाम के स्टाफ को तत्काल ट्रक हटा लेने के लिए कहा गया। यहां जुर्माना वसूलने की कोशिश नहीं की गई।
शाम को फिर खड़े नजर आए ट्रक
दिनभर चले अभियान का परिणाम शाम ढलते-ढलते सिफर हो गया। शाम सात बजे श्यामगंज से सेटेलाइट चौराहे के बीच स्थित पेट्रोल पंप पर ट्रक खड़े मिले। कैमरे से फोटो खींचते हुए देखने पर ड्राइवर ने ट्रक हटाने की कोशिश भी की, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे घुमाकर दोबारा पेट्रोल पंप पर लगा दिया।