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ऑनर किलिंग- दिल्ली से आया हत्या करने, महीने भर से तलाश रहा था मौका

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नवाबगंज। सगे चाचा से निकाह के बाद पड़ोस में रह रही बहन से इतनी नफरत थी कि महीनेभर से हत्यारोपी भाई मौका तलाश रहा था। दिल्ली में रहकर मजदूरी करने वाला सबसे छोटा भाई एक महीने पहले गांव आया था। बहन को देख उसके सिर खून सवार हो जाता था। साथियों के ताने उसे तीर जैसे चुभते थे। ग्रामीणों की मानें तो आरोपी काफी गुस्से में बड़बड़ाता हुआ घर से निकला। कह रहा था कि उस वक्त बहन का पति सामने होता तो वो उसे भी मार देता।
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21 वर्षीय मृतका के सगे चाचा की उम्र उससे दोगुनी है। उसकी पत्नी दो बेटों संग छह साल से मायके में है। तलाक नहीं हुआ पर कोई संबंध भी नहीं है। चाचा तंत्र क्रिया से लोगों की परेशानी दूर करने का दावा करता है। उसका घर मृतका के बगल वाली गली में है। तंत्र क्रिया देखने के शौक में युवती का चाचा के घर जाना बढ़ा और दोनों में संबंध हो गए। पांच महीने पहले दोनों घर छोड़ भाग गए। युवती के परिवार में माता-पिता, तीन भाई, एक बहन, दो भाभियां हैं। सबको बुरा लगा, लेकिन बदनामी की वजह से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। पंद्रह दिन बाद ही चाचा संग आकर युवती पत्नी की तरह उसके घर में रहने लगी। बदनामी बढ़ी तो पिता और बड़े भाइयों ने नसीब मानकर सब्र कर लिया, लेकिन दिल्ली में मजदूरी कर रहे सबसे छोटे बेटे के दिल में बदले की आग सुलग रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि दिल्ली से वो एक महीने पहले हत्या करने की सोचकर आया। परिजनों को पता लगा तो बस स्टैंड पर जाकर ही उसे लौटा दिया। सप्ताह भर से गांव में उर्स का मेला था। इस बहाने वो दिल्ली से फिर आ गया। बहन शाम को मेले में जाती तो वहां भी उसकी हत्या का मौका तलाशता। हालांकि पति और अन्य लोगों के साथ होने पर हिम्मत न जुटा सका। इस बीच बहनोई बने चाचा को सरेआम परिवार सहित खत्म करने की धमकी दे चुका था। चाचा को लगा था कि जोश में वो ऐसा बोल रहा है, कुछ दिन में सब सही हो जाएगा। लोग बताते हैं कि लड़कों के बीच खड़े होने पर कोई न कोई ताना कस देता था। जिससे वह असहज हो जाता था। ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी नाबालिग है और उसकी उम्र करीब 17 साल है। हालांकि पुलिस अभी उसे बालिग मानकर ही तलाश कर रही है।

..तो साजिश में शामिल था परिवार
हत्या का आरोपी एक ही है। रिपोर्ट भी उसी के खिलाफ दर्ज कराई गई है, लेकिन हालात बयां कर रहे हैं कि घटना को लेकर परिवार को पहले से जानकारी थी। पूरा परिवार किस वक्त पीछे के दरवाजे पर ताला लगाकर चला गया, किसी को भनक ही नहीं लगी। होशियारी ये भी की गई कि मेन गेट को अंदर से बंद किया गया, जिससे पुलिस काफी देर तक यह सोचकर उलझी रही कि परिजन अंदर हैं। बाद में किसी ने पीछे लगा ताला देखा तो सच पता लगा।
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क्राइम सीन
शव चूल्हे के पास पड़ा था। चूल्हे में आग धधक रही थी और एक रोटी तवे पर पड़ी जल गई थी। दो रोटियां कटोरदान में सेंकी हुई रखी थीं। सिर के पास काफी खून था। पुलिस को तमंचे से चली गोली नहीं मिली। पुलिस का अनुमान है कि गोली शायद सिर में फंसी रह गई होगी।
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