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महाशिवरात्रि के भंडारे का टेंट उखाड़ने पर तनाव

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फतेहगंज पश्चिमी। महाशिवरात्रि पर पुलिस चौकी के बगल में ब्रह्मदेव महाराज धर्मस्थल पर शिवरात्रि पर हो रहे धार्मिक कार्यक्रम व प्रसाद वितरण को दूसरे समुदाय के लोगों ने रुकवा दिया। टेंट उखाड़कर फेंक ने से तनाव फैल गया। सूचना पर कई भाजपाई और व्यापारी नेता पहुंच गए। उन्होंने हंगामा काटा तो भारी पुलिस बल मौके पर आ गया। चौकी में पंचायत हुई तो धीमी आवाज में साउंड सिस्टम बजाने की शर्त पर पूजन जारी रखने का समझौता हो गया और बवाल टल गया।
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कस्बे में पुलिस चौकी के बगल में ब्रह्मदेव स्थल पर भगवान शिव की पुरानी प्रतिमा है। महाशिवरात्रि पर हर साल पूजन कार्यक्रम होता है। सोमवार को अखिल भारतीय हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष सूरज राठौर और उनके साथी अंकित शर्मा आदि ने सुबह मंदिर पर टेंट लगाकर भजन और प्रसाद वितरण शुरू किया था। धर्मस्थल के पीछे आयत ट्रेडर्स के मालिक कय्यूम सेठ के बेटे वसीम आदि ने दुकान के सामने पूरी जगह घेरकर हल्ले का आरोप लगाते हुए आयोजकों से टेंट हटाने को कहा। पुरानी परंपरा बताते हुए टेंट हटाने से मना किया तो वसीम ने खुद ही टेंट उखाड़ दिया। कस्बे में तेजी से चर्चा फैल गई कि दूसरे समुदाय ने महाशिवरात्रि की परंपरागत पूजा रोक दी है।
ब्रह्मदेव स्थल पर सैकड़ों की तादाद में लोग इकट्ठे होने लगे। आयोजकों की सूचना पर युवा भाजपा नेता/उप्र प्रांतीय उद्योग व्यापार समिति के नगर अध्यक्ष आशीष अग्रवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष अजय सक्सेना, सुचित अग्रवाल, सत्यप्रकाश अग्रवाल समेत तमाम भाजपाई, व्यापारी नेता मौके पर पहुंच गए। जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी राजकुमार तिवारी भी तुरंत फोर्स के साथ आ गए और भीड़ को समझाकर शांत कराने की कोशिश की। थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को पुलिस चौकी पर बुलवाया। भाजपा नेताओं की मौजूदगी में तय हुआ कि साउंड सिस्टम धीमी आवाज में बजाकर दोपहर दो बजे तक पूजन, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण का अनुष्ठान होगा। कोई विवाद नहीं किया जाएगा। कय्यूम सेठ ने सभी की बात और चौकी पर हुए लिखित फैसले को मानते हुए दुबारा टेंट लगवाया और अनुष्ठान शुरू कर दिया गया। विवाद शांत कराने में भाजपा नेताओं-व्यापारियों और दोनों समुदाय के कई संभ्रांत लोगों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विवाद का शांतिपूर्ण निपटारा होने पर पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
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