तीन दिन से लापता सुभाषनगर निवासी निजी अस्पताल के वार्ड ब्यॉय की लाश बदायूं रोड के बड़े नाले में मिली। पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि हुई लेकिन परिवार वालों ने हत्या का शक जताया है। हालांकि, देर रात तक किसी के खिलाफ तहरीर नहीं दी गई।
मूलरूप से बदायूं में थाना उझानी के गांव दुर्जननगला निवासी 25 वर्षीय सत्येंद्र काफी समय से परिवार समेत सुभाषनगर के शांति विहार में रहता था। वह सिविल लाइंस स्थित सिद्धि विनायक अस्पताल में वार्ड ब्यॉय था और अक्सर रात की शिफ्ट में काम करता था। सत्येंद्र के रिश्ते के चाचा राजकुमार दूसरे अस्पताल की एंबुलेंस चलाते हैं। राजकुमार ने बताया कि 11 नवंबर की शाम सत्येंद्र उनके पास आया और एक हजार रुपये मांगे। वह जानते थे कि सत्येंद्र इन पैसों को दोस्तों के साथ पार्टी में खर्च कर देगा इसलिए रुपये नहीं दिए। इसके बाद सत्येंद्र चला गया। रात नौ बजे सत्येंद्र ने उन्हें कॉल करके चौपुला पर खाने-पीने के लिए बुलाया लेकिन वह नहीं गए। रात में सत्येंद्र घर नहीं लौटा तो परिवार वालों ने समझा कि वह ड्यूटी चला गया होगा। सुबह घर न लौटने पर कॉल की तो मोबाइल बंद जा रहा था। तब से वे लोग उसे खोज रहे थे। बुधवार सुबह चाचा खुशीराम ने पुलिया के नीचे नाले में पानी से ऊपर किसी का हाथ देखा तो पुलिस को सूचना दी। नाले से जो शव निकला वह सत्येंद्र का था। सत्येंद्र के पिता रामप्रसाद ने बताया कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है लेकिन उन्हें लग रहा है कि कोई साजिश हुई है। सत्येंद्र के जूते और मोबाइल न मिलने से संदेह बढ़ रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद वह पुलिस से बात करेंगे। इंस्पेक्टर सुभाषनगर ने बताया कि अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।