सीबीगंज में पशु तस्करों द्वारा कुचलकर मारे गए सिपाही की हत्या के मामले में पुलिस ने कंपनी कमांडर के नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है। एसएसपी ने हाईवे के सभी थानों में लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों का ब्योरा मांगा है और पूरे मामले की मॉनीटरिंग वह स्वयं कर रहे हैं।
सीबीगंज थाने के सिपाही संजीव कुमार की हत्या के मामले में रामपुर के तीन पशु तस्करों को गिरफ्तार कर पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है। मगर, इस खुलासे के दौरान पुलिस और पशु तस्करों के गठजोड़ की बात भी सामने आई। पूरे मामले का ‘रिंग मास्टर’ मीरगंज निवासी होमगार्ड का कंपनी कमांडर मनोज शर्मा निकला। वह अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। गोवंशीय पशुओं से भरी गाड़ी निकलवाने के लिए वह 2500 रुपये वसूलता था। पुलिस से सेटिंग होने के चलते यह काम मनोज आसानी से कर लेता था। अब पुलिस मनोज शर्मा का नेटवर्क खंगाल रही है कि पुलिस में उसके किस-किस से संबंध थे। साथ ही एसएसपी मुनिराज जी. ने हाईवे के थानों में लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों का ब्योरा तलब किया है। ब्योरा आने के बाद एसएसपी हाईवे के थानों में बड़े स्तर पर फेरबदल की तैयारी में हैं।
मनोज को जान बूझकर छोड़ने की चर्चा
होमगार्ड कंपनी कमांडर मनोज शर्मा को तीन दिन हिरासत में रखने के बाद सीबीगंज पुलिस के छोड़ देने की चर्चा है। अब वह फरार है। वहीं सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने उसे जानबूझकर छोड़ दिया क्योंकि अगर मनोज को मीडिया के सामने पेश किया जाता है तो वह पशु तस्करी में लिप्त पुलिसकर्मियों का कच्चा चिट्ठा खोल देता। इससे पुलिस विभाग का बदनामी झेलनी पड़ती। इसके चलते उसे छोड़कर कोर्ट में सरेंडर करने या स्टे लेने का मौका दिया गया है।
सिपाही हत्याकांड के फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। हाईवे के थानों में लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों को भी ब्योरा तलब किया गया है। सूची बनने के बाद उनमें भी फेरबदल किया जाएगा।
- मुनिराज जी., एसएसपी