शाही। भटककर हसनपुर मोहल्ले में पहुंचे कांवड़ियों को दूसरे समुदाय के सैकड़ों लोगों ने नई परंपरा बताते हुए रोक लिया। समझाने गई पुलिस से भी गालीगलौज, धक्कामुक्की और बदसलूकी की गई। करीब आधा घंटा तक बवाल जारी रहा। बाद में पुलिस के पहरे में कांवड़ियों को शेरगढ़ रोड पर पेट्रोल पंप के सामने छुड़वाया गया।
धनुआ गांव के आठ कांवड़िये हरिद्वार से बैकुंठी कांवड़ लेकर महंत अमन कुमार, उप महंत राजू की अगुआई में पैदल वापस लौट रहे थे। रविवार दोपहर करीब ढाई बजे कांवड़िये नदी किनारे कच्चे रास्ते से हसनपुर मोहल्ले से होते हुए शेरगढ़ रोड की तरफ जा रहे थे, तभी दूसरे समुदाय के सैकड़ों लोगों ने उन्हें रोक लिया। कांवड़ियों ने भटककर बस्ती में आने की बात कहते हुए समझाने की कोशिश की। कहा कि बैकुंठी कांवड़ लेकर उल्टी दिशा में नहीं मुड़ते हैं, लिहाज उन्हें निकलने दिया जाए, लेकिन दूसरे समुदाय के लोग नहीं माने। सूचना पर भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश रस्तोगी, महामंत्री अनुरोध सिंह और कई अन्य भाजपाई भी पहुंच गए। उन्होंने भी दूसरे समुदाय के लोगों को समझाने की कोशिश की, मगर वह जिद पर अड़े रहे। बाद में शाही थाने से एसआई वीरपाल सिंह सिपाहियों के साथ पहुंचे और रास्ता रोक रहे लोगों को समझाया, लेकिन बस्ती वाले उनसे भी उलझ गए। कहासुनी, गालीगलौज और धक्कामुक्की भी हुई। बाद में एसआई ने कांवड़ियों को शेरगढ़ रोड पर पेट्रोल पंप के सामने छुड़वा दिया।