शाही के एक गांव में संदिग्ध परिस्थिति में जलकर मरने वाली बबली की मौत से पहले बने वीडियो की जांच होगी। दरअसल, इस वीडियो में बबली परिवार वालों के पूछने पर दो नाम लेती है। लेकिन वीडियो में यह बात साफ नहीं हो पाई है कि इन्हीं लोगों ने उसे आग लगाई। यही वजह है कि एसपी देहात ख्याति गर्ग ने वीडियो की जांच के निर्देश जारी किए हैं।
होमगार्ड नोनीराम की बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने के बाद हुई मौत के प्रकरण में पुलिस ने गांव के हरिओम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। नोनीराम ने पुलिस कोएक वीडियो सौंपा था, जिसमें बबली नजर आती है। कैमरे के पीछे से उससे सवाल पूछे जाते हैं, जिसके जवाब में वह दो नाम लेती है। इस वीडियो को पुलिस विवेचना में शामिल करते हुए इसकी जांच करवा रही है। एसपी देहात के मुताबिक, अगर पीड़िता ने वीडियो में यह कहा होगा कि आरोपी ने ही आग लगाई तो इसको पुख्ता सबूत माना जाएगा।
दबिशें, लेकिन हरीओम फरार
पुलिस ने आरोपी हरीओम की गिरफ्तारी के लिए उसके दोस्तों और रिश्तेदारियों में दबिशें दी, लेकिन उसका सुराग हाथ नहीं लग सका है। बता दें कि घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल के वीडियो बनाये थे, जिनमें बच्चे कहते सुने जा रहे हैं कि पिता की डांट के बाद दीदी ने कोठरी में जाकर आग लगाई थी।