बरेली। होली से पहले जिले में शराब बनाने और बेचने का धंधा अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। बड़ा धंधा हरियाणा से सस्ती शराब लाकर उसे यूपी ब्रांड की बोतलों और क्वार्टरों में भरकर खपाने का है। हाफिजगंज में शराब भरा ट्रक पकड़ने के बाद क्राइम ब्रांच ने माफिया की तलाश शुरू कर दी है।
आबकारी और पुलिस विभाग की शह पर अवैध शराब का धंधा जिले में खूब फलफूल रहा है। कच्ची शराब बनाने का बड़ा कारोबार पहले से संचालित है। शहर से सटी बस्तियों के साथ ही देहात क्षेत्र में धड़ल्ले से कच्ची शराब निकाली जा रही है। वहीं होली के करीब आते ही हरियाणा ब्रांड की शराब लाकर स्टॉक करने का काम भी तेज हो गया है। अभी तक हरियाणा ब्रांड की शराब को जस के तस बेच दिया जाता था, लेकिन शासन-प्रशासन की सख्ती बढ़ी तो माफिया न तरीका बदल दिया। अब वे हरियाणा से सस्ती शराब लाते है और उसे यूपी की डिस्टिलरियों के क्वार्टर या बोतलों में भरकर सील कर देते हैं। आमतौर पर इससे चेकिंग के दौरान पुलिस या आबकारी टीम भी गच्चा खा जाती है। बैच नंबर यूपी का होने पर इसे जांच के बाद छोड़ दिया जाता है। हाफिजगंज में पकड़ी गई शराब भी हरियाणा मेड निकली, जिस पर सहारनपुर की एक डिस्टिलरी का बैच नंबर डाला गया था।
शहर के बाहर अविकसित बस्तियों में बना रखे हैं ठिकाने
- शराब माफिया ने शहर के बाहर अविकसित कॉलोनियां में अपने ठिकाने बना रखे हैं। दरअसल अविकसित होने के चलते यहां मकान दूर दूर बने हैं, इसलिए पड़ोसियों को भी इस बात की भनक नहीं लगती कि पास के मकान में चल क्या रहा है। ये कॉलोनियां हरियाणा की शराब स्टोर करने और पैकिंग के लिए मुफीद साबित हो रही हैं। कई जगह स्थानीय पुलिस या आबकारी स्टाफ की मिलीभगत से भी धंधा चल रहा है।
नहीं मिली सुधीश की मंडली, कुर्की का विकल्प बचा
- पिछले महीने आबकारी टीम ने जगतपुर की एक नई बस्ती में बने मकान से शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। यहां करीब सवा लाख ढक्कन, शराब बनाने के उपकरण और पैकिंग मैटेरियल मिला था। कचहरी पर टाइपिस्ट का काम करने वाला सुधीश भटनागर अपने तीन साथियों के साथ फरार हो गया। दो महीने पहले ही वह इसी धंधे में पकड़े जाने के बाद जमानत पर छूटा था। मामले में जगतपुर चौकी पुलिस पर सांठगांठ के आरोप लगे थे। आबकारी इंस्पेक्टर की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तबसे आज तक पुलिस को एक भी आरोपी नहीं मिला है। इंस्पेक्टर कृष्णवीर के मुताबिक इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट हो गए हैं। गिरफ्तारी न होने पर जल्द ही इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
आबकारी अफसर बोले- एक महीने में 89 रिपोर्ट कराईं
- जिला आबकारी अधिकारी देव नारायण दूबे ने बताया कि चुनाव और होली पर भारी मात्रा में अवैध शराब बनाने व बेचने की आशंका है। शरारती तत्व नकली और जहरीली शराब भी इस्तेमाल कर सकते हैं। विभाग ठोस कार्ययोजना बना रहा है। आचार संहिता लगते ही शराब बिक्री की दैनिक समीक्षा प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि एक माह में चले अभियान में 89 मामले पकड़े गए, करीब दो हजार लीटर अवैध व कच्ची शराब, बीस हजार लीटर से ज्यादा लहन बरामद हुआ।
डीआईजी ने मंडल भर में चलाया अभियान
- डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने पूरे मंडल में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलवाया, इसमें बरेली में 15226 लीटर, बदायूं में 3688 लीटर, शाहजहांपुर में 7731 लीटर और पीलीभीत में 3453 लीटर अवैध शराब बरामद हुई।
- अवैध शराब के खिलाफ अभी कई दिन तक लगातार अभियान चला था। इसमें बड़ी कार्रवाई हुई थी। हरियाणा मेड शराब की भी धरपकड़ जारी है। पुलिस धंधे को खत्म करने में जीजान से जुटी है। - मुनिराज जी. एसएसपी