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सेलफोन पर ही थाना प्रभारी से भिड़ गईं विधायक

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लखीमपुर खीरी। भाजपा विधायकों की बदजुबानी के मामलों में लखीमपुर खीरी भी पीछे नहीं रहा। जिले की श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी ने थाना फूलबेहड़ के प्रभारी निरीक्षक विद्या सागर दिवाकर को जूते से मारने की धमकी तक दे डाली, बोलीं, तुम पागल हौ पगलैय रहियो का, हियस जूता निकारिकर तुम्हरेप चलावाईं का। बातचीत के वायरल हुए ऑडियो को एसपी रामलाल वर्मा ने अनुशासनहीनता माना है। इस पर उन्होंने प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है।
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थाना फूलबेहड़ प्रभारी निरीक्षक विद्याराम दिवाकर ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी ने उन्हें मोबाइल पर कॉल की और पूछा कहां हो तो उन्होंने एक विवेचना में गांव तेतारपुर होने की बात बताई। इस पर विधायक ने कहा कि राजापुर बसहा में बूढ़ा वाले मामले में क्या हुआ? मामला वह समझ नहीं पाए? इस पर जब उन्होंने दोबारा पूछा तो विधायक भड़क गईं और अभद्रता करते हुए कहा कि तुम पागल हौ पगलैय रहियो का, हियस जूता निकारिकर तुम्हरेप चलावईं का। विधायक ने क्षेत्र में सही से काम करने की चेतावनी दी। कहा, तुम थाने पर काम करने के लिए तैनात हो और तुम्हें काम करना पड़ेगा। काम नहीं करोगे तो हमारी विधानसभा से चले जाओ। इस पर उन्होंने अपमानित न करने को कहा। साथ ही विधायक से हाईकोर्ट जाने तक की बात प्रभारी निरीक्षक ने कही। विधायक और प्रभारी निरीक्षक के बीच हुई बातचीत का आडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो एसपी रामलाल वर्मा ने इसे विभागीय अनुशासनहीनता माना और प्रभारी निरीक्षक विद्याराम दिवाकर को लाइन हाजिर कर दिया। विधायक मंजू त्यागी ने कहा कि पार्टी के लिए कार्यकर्ता सर्वोपरि है। क्षेत्र में कोई काम नहीं करेगा तो उससे पूछा तो जाएगा ही। उधर, एसपी रामलाल वर्मा कहते हैं कि इंस्पेक्टर द्वारा आडियो वायरल करना नियम विरुद्ध है। अनुशासनहीनता की श्रेणी में है। इसलिए उन्हें लाइन हाजिर किया गया है, जबकि इंस्पेक्टर विद्याराम दिवाकर ने बताया कि उन्होंने कोई आडियो वायरल नहीं किया है।


विधायक ने कोतवाल पर चलाया कानून का डंडा
लखीमपुर खीरी। श्रीनगर भाजपा विधायक मंजू त्यागी और थाना फूलबेहड़ के प्रभारी निरीक्षक के बीच हुई तकरार का जो आडियो वायरल हुआ, उसमें विधायक ही अपशब्द कह रही हैं, फिर भी जिले के पुलिस कप्तान ने प्रभारी निरीक्षक पर ही चाबुक चलाते हुए उन्हें थाने से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया।
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श्रीनगर विधायक अवैध अक्सर अपने बड़े बोलों के कारण चर्चा में रहती हैं। खनन का मामला हो या फिर अन्य मसला। वह अपनी बात को पूरी दमदारी के साथ कहती हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को भी हुआ। विधायक ने प्रभारी निरीक्षक को खूब अपशब्द कहे। जवाब में प्रभारी निरीक्षक विधायक को उनसे उम्र में बड़े होने के कारण मर्यादित भाषा में बात करने को कहा। इसके बाद भी एसपी ने विधायक की बातों को दरकिनार कर अपने ही थाना प्रभारी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन भेज दिया। एसपी ने भले ही प्रभारी निरीक्षक को हटाकर भले ही विधायक को खुश कर दिया हो, लेकिन विभागीय अफसर एसपी की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। इसको लेकर शनिवार को पूरे दिन महकमे के लोग चर्चा करते रहे।

विधायक और प्रभारी निरीक्षक के बीच यह बातचीत का अंश
विधायक हेलो,
प्रभारी निरीक्षक नमस्कार।
विधायक अच्छा, कहां हो।
प्रभारी निरीक्षक तेतारपुर तफ्तीश में आया हूं।
विधायक कहां
प्रभारी निरीक्षक विवेचना करने
विधायक यह कह रहे थे कि राजापुर बसहा वाला मैटर पता है
प्रभारी निरीक्षक मिश्रा- जी वाला
विधायक, पागल हो तुम पागल। यह कह रहे थे राजापुर बसहा बूढ़ा वाला, तुम जानते नहीं हो अभी कह दोगे
प्रभारी निरीक्षक, सिसैया वाला है, जिसमें आज संजय आए थे। महिला का झगड़ा है।
विधायक: तुम पगलाए हो पागल रहियो का इहां से जूता चलवाइक परिहै, तुम हमेशा ही पूछते रहियो कौन सा मैटर है क्या है।
प्रभारी निरीक्षक- देखो आपने शब्द क्या कहा, यह बताओ। अपनी भाषा संभालो मैं आप से उम्र में बड़ा हूं।
विधायक: दिवाकर तुम समझते क्यों नहीं हो?
प्रभारी निरीक्षक: मैं ऐसे नौकरी करना नहीं पसंद करता हूं। आप मुझे हटवा दो।
विधायक: चलो ठीक है...ठीक है।
प्रभारी निरीक्षक: ठीक है।

विधायक-कोतवाल का दूसरा ऑडियो
विधायक: ये बताओ, हमारी बेइज्जती कराकर तुम नौकरी कर पाओगे।
प्रभारी निरीक्षक: आपने जो शब्द कहे, वह मेरे बाप ने भी नहीं कहे होंगे। मैं ऐसी नौकरी नहीं करता हूं। अब मैं हाईकोर्ट जाऊंगा। मैंने आपकी भाषा को रिकार्ड किया है।
विधायक: मैं तुमसे अपने घर का चौका बर्तन करने के लिए नहीं कर रही हूं और न कहूंगी। सरकार के नौकर हो, उप्र में जहां रहोगे काम करना पड़ेगा।
प्रभारी निरीक्षक: आप काम बताओ। मैं करूंगा।
विधायक: मुुझे धमकी मत दीजिए। पहली महिला विधायक हूं, जो गलत नहीं करती हूं। तुम्हें ऐसी और विधायक नहीं मिलेगी।
प्रभारी निरीक्षक: मैं सही काम ही करूंगा। गलत नहीं करूंगा, चाहें कोई करे।

एसपी बोले, प्रभारी निरीक्षक का रवैय्या गैर जिम्मेदाराना
एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि फूलबेहड़ के प्रभारी निरीक्षक और विधायक के बीच वार्ता का ऑडियो वायरल होना नियम विरुद्ध है। प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि ऑडियो प्रभारी निरीक्षक ने ही वायरल किया है। विधायक से कोई बात हुई थी तो उन्हें बताना चाहिए था। मुझे न बताना और ऑडियो वायरल करना अनुशासनहीनता के श्रेणी में आता है, इसलिए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है।
कार्यकर्ता सर्वोपरि, अधिकारी नहीं
भाजपा विधायक मंजू त्यागी का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ता सर्वोपरि होता है। यदि कोई अधिकारी कर्मचारी काम नहीं करेगा तो काम लेना ही मेरा धर्म है। ऑडियो वायरल होने की जानकारी नहीं है। इसलिए ऑडियो की बाबत तब तक कुछ नहीं कहना चाहती हूं, जब तक खुद ऑडियो न सुन लूं।

मैंने कोई ऑडियो वायरल नहीं किया: प्रभारी निरीक्षक
फूलबेहड़ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विद्याराम दिवाकर का कहना है कि न उनके पास कोई ऑडियो है और न ही उन्होंने वायरल किया है। विधायक से हुए वार्तालाप की बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ड्यूटी की आचार संहिता से वह बंधे हैं, इसलिए वह कुछ भी कहना नहीं चाहते हैं।
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