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प्रेमी सिपाही से कोर्ट मैरिज पर पत्नी की गला घोंटकर हत्या

Sat, 02 Jun 2018 01:37 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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सुभाषनगर की राजीव कॉलोनी में एक महिला ने पति को धोखे में रखकर दूसरे युवक से कोर्ट मैरिज कर ली। मोबाइल फोन के जरिये शुक्रवार को जब अचानक उसकी बेवफाई का राज खुला तो गुस्साए पति ने उसकी अंगोछे से गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद वह खुद ही एसएसपी आवास पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। सुभाषनगर पुलिस ने उसके घर से पत्नी का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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मूलरूप से चकमहमूद के रहने वाला संजीव वर्मा बड़ा बाजार के एक साड़ी शोरूम में काम करता है। उसकी पहली शादी शशि से हुई थी। उससे दो बच्चे मुस्कान और आंचल हुए लेकिन झगड़ा होने पर शशि दोनों बच्चों को लेकर घर छोड़कर चली गई। संजीव के मुताबिक 2013 में उसने छाया से लव मैरिज की और उसके साथ राजीव कॉलोनी की गली नंबर 10 में किराये पर का मकान लेकर रहने लगा। छाया से संजीव का दो साल का बेटा वंश है। संजीव ने पुलिस को बताया कि छाया ने तीन महीने पहले अर्पित से कोर्ट मैरिज कर ली, लेकिन यह बात उससे छिपाए रखी। सोमवार को मोबाइल पर बातचीत से संजीव को छाया और अर्पित के कोर्ट मैरिज कर लेने की जानकारी हुई जिसके बाद उससे उसका झगड़ा हो गया।
संजीव ने बताया कि शुक्रवार को छाया ने बेटे वंश को लेकर अर्पित के पास जाना चाहा तो उसने वंश को ले जाने का विरोध किया। इस पर दोनों के बीच मारपीट हो गई। इसी बीच संजीव ने अंगोछे से छाया का गला घोट दिया। छाया की मौत के बाद संजीव दुर्गानगर में रह रहे अपने भाई अंकित के पास पहुंचा। अंकित उसे एसएसपी आवास ले गया। पुलिस ने अंकित को भी थाने में बैठा रखा है। बेटी की हत्या की खबर मिलने पर थाने पहुंचे छाया की मां सुदामा देवी और पिता अनिल कुमार से पुलिस ने तहरीर लेकर संजीव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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खुद को छाया का भाई बताकर माजरा पता करने पहुंचा प्रेमी
सीओ द्वितीय अशोक मीना ने बताया कि संजीव और उसके पड़ोसियों के मुताबिक अर्पित खुद को बर्खास्त सिपाही बताता था। इस पर पुलिस ने सभी थानों और पुलिस लाइन से पता किया तो ऐसे किसी सिपाही के बारे में जानकारी नहीं मिली। पुलिस अर्पित को तलाश रही है। सीओ के मुताबिक यह जांच का विषय है कि अर्पित खुद को बर्खास्त सिपाही क्यों बताता था। छाया की हत्या के बाद भी वह घटनास्थल के आसपास देखा गया। वह खुद को छाया का भाई बताकर पड़ोसियों से बातचीत कर रहा था, लेकिन कुछ देर बाद वहां से खिसक गया।

सलाखों के पीछे बैठकर रोता रहा और मासूम बेटे को बहलाता रहा
पुलिस ने संजीव की गोद से उसके बेटे वंश को लेकर जब उसे हवालात में बंद किया तो वंश बुरी तरह रोने लगा। वह अपने पिता के साथ रहना चाहता था। बच्चे के विलाप से पसीजे पुलिस वालों ने हवालात के बाहर चादर बिछाकर वंश को उस पर बैठा दिया। सलाखों के अंदर बैठा संजीव खुद तो रोता रहा मगर बेटे को चिप्स खिलाकर उसे बहलाता रहा। बाद में पुलिस ने वंश को उसके नाना-नानी को सौंप दिया लेकिन वह फिर भी रोता रहा।

पत्नी की हत्या के बाद पति ने खुद सरेंडर किया है। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। जिस बर्खास्त सिपाही का नाम प्रकाश में आया है, उसे तलाशा जा रहा है। - अशोक मीना, सीओ द्वितीय
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