बालाजी विहार कॉलोनी में रहने वाले पैथोलॉजी लैब कर्मचारी की पत्नी ने दुपट्टे के फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। पड़ोसियों की सूचना पर प्रेमनगर थाने की पुलिस पहुंची, लेकिन परिवार ने पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। हालांकि बाद में पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुर्खा बानखाना निवासी नरेश कुमार ने अपनी बेटी रिंकी (35) की शादी मिलक रामपुर के अनूप कुमार सक्सेना से 15 साल पहले की थी। अनूप शादी के बाद बरेली में बालाजी विहार में किराये पर रहने लगे। उनके दो बच्चे हैं। अनूप पैथोलॉजी लैब में सैंपल लेने का काम करते हैं। अनूप के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से रिंकी अवसाद में रहने लगी थी। गुुरुवार को अनूप नौकरी पर चले गए। दोनों बच्चे बाहर खेल रहे थे। दोपहर करीब एक बजे रिंकी घर के बाहर बैठी पड़ोस की महिलाओं से बातचीत करती रही, फिर चाय बनाने के लिए कहकर घर के अंदर चली गई। बताते हैं आंगन के जाल में दुपट्टा का फंदा बनाकर उसने खुदकुशी कर ली। उसका शव लटका देखकर उनके पति को सूचना दी गई। मायका पक्ष भी बालाजी विहार स्थित घर पहुंचा। शव के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई। इसी बीच प्रेमनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी, परिवार ने पहले इंकार किया, लेकिन बाद में पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए। प्रेमनगर थाने के इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने बताया कि मायका पक्ष ने कोई आरोप नहीं लगाए हैं।