बदायूं। हजरतपुर थाने के एसओ रहे हरिचरन सिंह और एसआई मुन्नू लाल को मानवाधिकार हनन का दोषी पाया गया है। मानवाधिकार आयोग ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही पीड़िता को एक लाख रुपया मुआवजा देने का आदेश दिया है।
हजरतपुर थाने के गांव हसौरा निवासी सत्यपाल की बेटी शालिनी ने 2013 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से शिकायत कर तत्कालीन एसओ हरिचरन सिंह और थाने के एसआई मुन्नू लाल पर मानवाधिकार के हनन का आरोप लगाया था। आयोग ने पूरे मामले में जांच कराई तो पाया कि तत्कालीन एसओ और एसआई मानवाधिकार हनन के दोषी हैं। आयोग ने शालिनी को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसके साथ यह भी आदेश दिया गया है कि इस रकम की वसूली पुलिस कर्मियों से की जाए। प्रदेश सरकार के अनुसचिव शैलेंद्र कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाए। आदेश में यह भी कहा गया है कि आदेश का 10 दिन के भीतर पालन कर इस बारे में आयोग और शासन को भी अवगत कराया जाए। हजरतपुर थाने के तत्कालीन एसओ हरिचरन सिंह और एसआई मुन्नू लाल की वर्तमान में तैनाती कहां है, इस बारे में पुलिस महकमे को भी नहीं पता है।
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इस तरह के आदेश की प्रति कार्यालय को प्राप्त हो गई है। एसएसआई मुन्नू लाल रिटायर हो चुके हैं। एसओ हरचरन सिंह इन दिनों बरेली में तैनात है। निर्देशों के तहत जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
-चंद्र प्रकाश, एसएसपी