बरेली। हिस्ट्रीशीटर पाताराम की हत्या में आरोपी छह में से दो मुख्य आरोपी जट्टा और बंटू ने शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस अब उनका बयान और रिमांड लेने की अर्जी देगी।
विवेक जाट उर्फ जट्टा और भूपेंद्र यादव उर्फ बंटू ने गुरुवार दोपहर सीजेएम के समक्ष हाजिरी दी। वकील के साथ पहुंचे दोनों आरोपियों ने बताया कि उनके खिलाफ पाताराम की हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस उनके परिवार को परेशान कर रही है। वह भी जान बचाने को भाग गए थे। उन्होंने यह घटना नहीं की है, कोर्ट इसकी जांच करा ले। सीजेएम ने दोनों को जेल भेजने का आदेश कर दिया। कोर्ट के बाहर दोनों ने बताया कि इससे पहले भी वे कोर्ट में हाजिर होने के लिए कोशिश कर चुके हैं पर विरोधियों के डर और बाहर पुलिस के जमाव से वह कोर्ट तक नहीं पहुंच पा रहे थे। उनके साथ उनके माता पिता और अन्य ने बताया कि उनका हत्या से कोई लेनादेना नहीं है। एक जनप्रतिनिधि के इशारे पर पुलिस उन्हें परेशान कर रही है। पाताराम की मौत से गुस्साए एक जनप्रतिनिधि ने लोगों से चुनाव के बाद उनके परिवार को तबाह करने की बात कही है।
दोनों के पिता रिटायर्ड फौजी
जट्टा और बंटू के पिता रिटायर्ड फौजी हैं तो परिवार के अन्य भाई-बहन भी पढ़े लिखे हैं। घरवालों के मुताबिक जट्टा बरेली कॉलेज में बीकॉम फाइनल का छात्र है तो बंटू ने पिछले साल राजकीय जीटीआई से मैकेनिकल ट्रेड में 85 फीसदी नंबर के साथ डिप्लोमा पास किया है और अब बरेली कॉलेज से बीएससी कर रहा है। बंटू की बहन ने बताया कि भाई तेज दिमाग का है। हमउम्र लड़कों के साथ मामूली झगड़े करता रहा है पर किसी की हत्या जैसा काम नहीं कर सकता। उसे जबरन फंसाया है। वह लोग सच सामने लाएंगे।