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भोजीपुरा पुलिस को फटकार मिली, लल्ला का रिहाई आदेश जारी

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बरेली। आर्म्स एक्ट के 15 साल पुराने मामले में वारंटी को पकड़ने की बजाय पुलिस ने उसी नाम के दूसरे शख्स को पीटकर कोर्ट में पेश कर दिया। कोर्ट में वकील के जरिये हकीकत बताई गई तो पुलिस को लेने के देने पड़ गए। पुलिस सही जवाब नहीं दे सकी तो एसीजेएम थर्ड आसिफा राना ने रिहाई के आदेश जारी कर दिए। एसएसपी को निर्देश दिए कि असली वारंटी को गिरफ्तार कराएं।
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मंगलवार दोपहर भोजीपुरा पुलिस ने गांव निवासी लल्ला पुत्र छोटेलाल को कोर्ट में पेश किया था। यहां लल्ला की पत्नी उर्मिला की गुहार लेकर वकील अब्दुल शाहिद खान पहुंचे। बताया कि लल्ला का असली नाम मनोज कुमार उर्फ लल्ला है। बीस जनवरी की रात पुलिस उसे घर से पकड़ लाई और पीटा। उसे वर्ष 2003 के किसी नाजायज हथियार रखने के मामले में वारंटी बताकर पुलिस कोर्ट लाई है, जबकि उसके नाम ऐसा कोई केस या वारंट है ही नहीं। कोर्ट ने इस मामले में करीब आठ साल पहले आरोपी को जमानत दिला चुके वकील देव सिंह राना को तलब किया। राना ने भी बताया कि ये वो लल्ला नहीं है, जिसकी उन्होंने पैरवी की। वकील शाहिद ने कोर्ट से कहा कि पुुलिस पर जबरन उत्पीड़न की कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने विवेचक को बुधवार को तलब किया था। दरोगा बीपी सिंह के साथ कई पुलिसकर्मी कोर्ट पहुंचे तो उन्हें खासी फटकार मिली। कोर्ट ने जेलर को निर्देश दिया कि लल्ला को रिहा कर दें। कोर्ट ने वकील शाहिद की भी तारीफ की, जिन्होंने सच सामने लाने में मदद की।
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