फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाल फाटक की बदइंतजामी ने अब ली फौजी की बीवी की जान

Mon, 12 Nov 2018 11:35 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
लाल फाटक रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट करने के मामले में प्रशासन के अफसर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं, इस बीच सोमवार को यहां हुए हादसे में एक और जान चली गई। देवर के साथ बाइक पर अपने बच्चे को दवा दिलाने ले जा रही फौजी की पत्नी ऊबड़खाबड़ सड़क पर गिरकर ट्रक के नीचे आ गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस के सामने ही महिलाओं ने कई ट्रकों के शीशे तोड़ डाले। डेढ़ घंटे बाद पुलिस बमुश्किल जाम खुलवा सकी।
विज्ञापन

बदायूं रोड पर रामेश्वर धाम कॉलोनी में रह रहे बिहार बेगूसराय के मूल निवासी उमेश दास सेना से रिटायर होने के बाद जेआरसी में अस्थाई नौकरी कर रहे हैं। तीन बेटों में सबसे बड़े अरविंद थल सेना में सैनिक हैं, उनकी तैनाती मथुरा में है। अरविंद की शादी तीन साल पहले बिहार की खुशबूू से हुई थी। सोमवार शाम छह बजे खुशबू एक साल के बेटे आर्यन को दवा दिलाने अपने देवर संजीव के साथ बाइक पर सेना अस्पताल आ रही थीं। लालफाटक क्रासिंग से पहले कांधरपुर मोड़ पर सामने से आ रहे ट्रक के बराबर निकलते हुए ऊबड़खाबड़ सड़क पर अचानक संजीव की बाइक का हैंडिल ट्रक की ड्राइविंग सीट के पायदान में फंस गया। तेज झटका लगने से खुशबू ट्रक की तरफ जा गिरीं। संजीव और उनकी गोद से छिटका बच्चा दूसरी साइड में गिरा। पास मौजूद लोगों ने ट्रक ड्राइवर का ध्यान खींचने के लिए शोर मचाया लेकिन ट्रक का पिछला पहिया खुशबू के सिर के ऊपर से उतर गया। इसके बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। रोते-कांपते संजीव ने खुशबू की मौत की सूचना दी तो घरवालों के साथ कॉलोनी के भी तमाम लोग पहुंच गए। लोगों ने शव के पास खड़े होकर जाम लगा दिया। सीओ वन कुलदीप कुमार फोर्स लेकर पहुंचे तो भीड़ ने सड़क की खराब हालत और ट्रक चालक की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई। इसी बीच बिफरी महिलाओं ने ईंटें मारकर कई ट्रकों के शीशे भी तोड़ डाले। पुलिस ने जैसे-तैसे लोगों को समझाकर शव को हाईवे से हटाकर जाम खुलवाया। बाद में संजीव की ओर से ट्रक नंबर के आधार पर कैंट थाने में रिपोर्ट करा दी गई।

छठ का व्रत था खुशबू का
बिहार की परंपरा के मुताबिक खुशबू ने भी सोमवार को छठ मैया का व्रत शुरू किया था। सुबह से वह व्रत और पूजा की तैयारी में जुटी थीं। इस बीच बेटे को जुकाम की शिकायत बढ़ी तो उसे लेकर दवा दिलाने चल दीं। कॉलोनी की महिलाएं खुशबू उनकी अचानक मौत पर सदमे में दिखाई दीं। रोती-बिलखती सास कई बार बेहोश हो गईं।
विज्ञापन


नेताओं ने की वाहन कम करने की मांग
बाजपा के क्यारा मंडल अध्यक्ष यशवंत सिंह, लाल फाटक इकाई अध्यक्ष उमेश शर्मा, एक्स सर्विसमैन संगठन के ओमकार सिंह समेत कई स्थानीय नेता हादसे के दौरान मौके पर पहुंच गए। यहां इन्होंने अधिकारियों से रोड पर वाहनों का दबाव कम करने और निर्माण कार्य जल्दी कराने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें