आंवला। एक ओर जहां सरकार और प्रशासन भ्रूण जांच व भ्रूण हत्या के मामले में विशेष सख्ती बरत रहा है वहीं कुछ प्राइवेट अस्पतालों में यह धंधा खुलेआम चल रहा है। अलीगंज के एक डॉक्टर का गर्भवती के परिजनों से बातचीत का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वे गर्भपात करने की फीस बता रहे हैं। सीएमओ ने डॉक्टर को तत्काल ही रामनगर सीएचसी से संबद्ध कर दिया है। एसीएमओ को जांच देकर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। डॉक्टर व अस्पताल पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
अलीगंज कस्बे में प्राइवेट अस्पताल चलाने वाले डॉ. दिनेश मझगवां पीएचसी पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संविदा पर नियुक्त हैं। उनका काम स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। वीडियो में यही डॉक्टर किसी से बातचीत करते दिख रहे हैं। वीडियो इस तरह बनाया गया है कि बातचीत करने वाले का चेहरा न दिखे, या कहें कि उसी व्यक्ति ने किसी गुप्त कैमरे से वीडियो बनाया है। इसमें डॉक्टर को बताया गया है कि बच्चा नहीं चाहते और अब दो महीने या उससे ज्यादा समय का गर्भ होने पर पता लगा है। बात करने वाला खर्चा पूछता है। डॉक्टर बताते हैं कि एक महीने का गर्भ गिराने के दो हजार के हिसाब से चार्ज होता है। दो का होगा तो चार हजार और तीन महीने का हुआ तो पांच हजार में काम करा देंगे। हमारी मैडम रोज आती हैं, चिंता की कोई बात नहीं है। अब यही वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा मचा हुआ है। आरोपी डॉक्टर इस मामले में बोलने से बच रहे हैं और मोबाइल बंद कर लिया है। थानाध्यक्ष अलीगंज मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि मामला स्वास्थ्य विभाग से संबंधित है। उन्हें किसी पीड़ित ने तहरीर नहीं दी है। अगर पीड़ित या स्वास्थ्य विभाग की ओर से तहरीर मिलेगी तो आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी। मझगवां चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वैभव राठौर ने बताया उनको वीडियो देखकर इस मामले की जानकारी हुई है। अधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम विशु राजा ने बताया कि सीएमओ से इस बारे में बात करेंगे।
डॉक्टर दिनेश के बारे में शिकायत मिली थी। मैंने वीडियो भी देखा है। इसके बाद डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से रामनगर सीएससी से संबद्ध कर दिया गया है। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम को मामले की जांच दी गई है। - डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ