कासगंज/बरेली। अपहृत बच्चे की बरामदगी के बाद कासगंज पुलिस ने अपहर्ताओं को पनाह देने वाले दरोगा और उसकी कथित पत्नी को क्लीनचिट दे दी है। जबकि इज्जतनगर के शास्त्रीनगर में बच्चे को कई दिन रखा गया था। मंगलवार को कालोनी वालों के बीच जब यह खबर फैली तो वहां हड़कंप की स्थिति रही।
मासूम के अपहरण की साजिश रचने वाला मुख्य आरोपी पवन शास्त्रीनगर में रहने वाली महिला का भाई है। यह महिला एक दरोगा की कथित पत्नी बताई जा रही है, जिसका तीन मार्च को शाहजहांपुर ट्रांसफर हो चुका है। हालांकि दरोगा बरेली के सीबीगंज समेत कई थानों में तैनात रहा है। मगर क्षेत्र के लोग दरोगा और महिला के संबंधों के बारे में सब जानते हैं। मंगलवार को जब लोगों के बीच यह खबर फैली कि कासगंज से अपहरण कर लाया गया बच्चा कई दिन तक उनकी कालोनी में रहा तो सब हैरत में आ गए। मगर महिला या दरोगा से किसी की खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं हुई। वहीं, कासगंज पुलिस ने भी विभाग का साथी कर्मचारी होने के नाते दरोगा और उसकी कथित पत्नी को क्लीनचिट दे दी है।
महिलाएं बरेली लाई थीं बच्चे को
पवन अगर स्वयं बच्चे को लेकर आता तो लोगों को शक हो सकता था। इसके चलते उसने इस काम के लिए अपनी पत्नी नीतू और साथी संजय की पत्नी कमलेश को चुना। बताया जाता है कि ये दोनों ही पवन के साथ बच्चे को लेकर शास्त्रीनगर पहुंची थीं।