गौरीफंटा (लखीमपुर खीरी)। गौरीफंटा रेंज में सोमवार दोपहर मछली का शिकार करने गईं छह थारू महिलाओं को वन चौकी में बैठाए जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ) के तीन जवानों को बंधक बनाकर रायफलें छीन लीं। बाद में कीरतपुर चौकी पुलिस पहुंचीं और जवानों को मुक्त कराया। आरोप है कि जवानों ने जुर्माना न देने पर उन पर अनैतिक कार्य के लिए दबाव बनाया।
गौरीफंटा-बगवां के पास दुधवा टाइगर रिजर्व एरिया में छह महिलाएं मछली का शिकार करने गई थीं। आरोप है कि इस दौरान कीरतपुर चौकी में तैनात तीन एसटीपीएफ जवान मौके पर पहुंच गए। पहले उन्होंने प्रति महिला से पांच हजार रुपये जुर्माना की मांग की, असमर्थता जताने पर वन अधिनियम के तहत जेल भेजने की धमकी दी।
महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने परिजनों को सूचना दी, लेकिन पैसे का इंतजाम नहीं हो पाया। इसके बाद महिलाओं से पैसे के बदले अनैतिक कार्य करने का दबाव बनाने की कोशिश की गई। बचाव में महिलाओं की नोकझोंक शुरू हुई, तो जवानों ने रायफल दिखाकर जबरन बंधक बनाने की कोशिश की। इसी बीच मवेशी चराते हुए कुछ लोग वहां पहुंच गए तो उन्हें बचाया। कुछ ही देर में परिवार के लोग भी आ गए। महिलाओं का कहना है कि बात बढ़ने पर ग्रामीणों ने ही असलहा छीनकर तीनों जवानों को कोतवाली पुलिस के हवाले किया है।
दोनों पक्षों में विवाद की बात तो पता चली है, मगर अभी पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। रेंज अधिकारी से मामले की जांच कराई जा रही है, वह मंगलवार को रिपोर्ट देंगे। - महावीर कौंजलगि, उपनिदेेशक, दुुधवा टाइगर रिजर्व
मामले की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली है, लेकिन अभी किसी ओर से तहरीर नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप यादव, सीओ पलिया