सराफा दुकानों के आगे मैला डालकर टप्पेबाजी करने वाले उड़ीसा के गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ने में क्राइम ब्रांच ने कामयाबी हासिल की है। बदमाश पारले जी बिस्कुट पर पानी डालकर लुगदी जैसा बनाकर उड़ीसा की तम्बाकू मिला देते थे, जिससे अजीब सी गंध आने लगती थी। सराफ जब मैला साफ करने में जुटता तो बदमाश सोने और चांदी के थैले उड़ा देते थे। बदमाश दो दिन पहले दोबारा टप्पेबाजी की वारदात करने शहर पहुंचे। क्राइम ब्रांच ने उड़ीसा के जिला जाजपुर थाना कुरई गांव पुरवाकोट के अर्जुन दास पुत्र नागेश्वर दास, राबिन दास पुत्र बिज्जू दास, गोपाल दास पुत्र महेश दास और प्रदीप प्रधान पुत्र नारन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि टप्पेबाज पारले जी बिस्कुट में पानी डालकर गला लेते थे फिर उड़ीसा की तम्बाकू मिला देते थे, जिससे गंध आने लगती थी। देखने में मैला जैसा लगता था। दुकान के आगे डालकर कुछ दूरी पर इंतजार करते थे। सराफ दुकान के आगे मेला देखकर थैले वहीं रख देता था और पानी लेने चला जाता था। इसी दौरान गिरोह के सदस्य थैला उड़ा दिया करते थे। भोजीपुरा में मैला और बिथरीचैनपुर में सराफा दुकानों के आगे मैला और ताले में फेविकोल डालकर इसी तरह गिरोह ने वारदातें अंजाम दी थीं। इनका खुलासा हो गया है।
सैकड़ों किमी बाइक को लाते थे साथ
एसपी क्राइम के मुताबिक गिरोह के सदस्य अपनी बाइक साथ लेकर चलते था। उड़ीसा से टाटानगर तक बाइक चलाकर फिर बस पर लादकर सासाराम तक लाए थे। इसके बाद दोबारा चलाकर बरेली तक लाए। वारदात करने के बाद जंक्शन स्थित स्टैंड पर बाइक खड़ी कर देते थे। क्राइम ब्रांच ने वारदातों के बाद एक बाइक बरामद की थी। बदमाश हर बार नई बाइक इस्तेमाल करने की कोशिश करते थे, जिसके पूरे कागज उनके पास रहते थे।
धर्मशाला में रहे फिर किराए पर
शहर में आने के बाद जंक्शन के पास धर्मशाला में रहा करते थे। अप्रैल में बदमाशों ने इज्जतनगर के देहात क्षेत्र में एक मकान को 3500 रुपये महीने पर किराये पर लिया, लेकिन पंद्रह दिन बाद ही छोड़ दिया था। मकान मालिक को बदमाशों ने उड़ीसा की आईडी दी थी।
कपड़ा बेचने के बहाने करते थे रेकी
बदमाश कटपीस कपड़े बेचने के बहाने रेकी करते थे। सुबह सात से 10 और शाम को 5 से 8 बजे तक का समय बदमाश टप्पेबाजी के लिए चुनते थे। बड़ा हाथ न लगे तो छोटी मोटी चोरियां या बाइक लूट करते थे। बरेली में छोटी-बड़ी दर्जनों वारदातों को बदमाशों ने अंजाम दिया।
तीन पीढ़ियों से करते आ रहे हैं लूटपाट
बदमाशों की तीन पीढ़ियां लूटपाट करती आ रही हैं। पकड़े गए सभी बदमाश अनपढ़ है। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश के एक गिरोह से उन्होंने टप्पेबाजी का यह पैटर्न सीखा था, जिसके बाद सीतापुर, लखनऊ, हरदोई, अमेठी, इटावा, कानपुर सहित कई शहरों में वारदात कर चुके हैं। बरेली सहित आसपास के जिलों में टप्पेबाजी कर करीब 32 लाख कीमत का सोना और चांदी उड़ीसा के बाजार में बेच चुके हैं।