शहरवासियों को झकझोर देने वाले बीएएमएस के छात्र अनुराग के अपहरण व हत्याकांड में सात आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। लेकिन कोतवाली पुलिस शव बरामद नहीं कर सकी है। अब लाश बरामदगी के लिए पुलिस नए सिरे से कोलकाता और जम्मू रूट के जीआरपी थानों से संपर्क साध रही है।
वहीं, कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के क्राइम डाटा को शाहजहांपुर पुलिस को भेजा है, ताकि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई हो सके। शाहजहांपुर के सिंधौली में रसूलपुर चठिया गांव निवासी हाकिम सिंह का बेटा अनुराग बरेली के गंगाशील मेडिकल कॉलेज में बीएएमएस द्वितीय वर्ष का छात्र था। 30 अप्रैल को अनुराग घर के लिए निकला, लेकिन पहुंचा नहीं। दो मई को डॉ. हाकिम के पास एक करोड़ रुपये फिरौती का फोन आया था। तत्कालीन डीआईजी आशुतोष कुमार ने मामले में कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
अपहरण के 13 दिन बाद कर दी थी हत्या
शाहजहांपुर पुलिस ने अपहरण के ग्यारह माह बाद रसूलपुर चठिया निवासी विष्णु दयाल, विजय कुमार और आरसी मिशन क्षेत्र के दिलावरपुर निवासी नरेश पाल को गिरफ्तार किया था। विष्णु और विजय दोनों अनुराग के चचेरे भाई थे और नरेश इनका बहनोई था। इन तीनों के अतिरिक्त नरेश का बेटा अजय, ममेरा भाई संजीव सहित एक अन्य भी अपहरण में शामिल रहा। आरोपियों ने अनुराग का अपहरण करने के बाद शाहजहांपुर के सदर बाजार क्षेत्र के तारीन टिकली मोहल्ला में किराये के एक मकान में रखा था, लेकिन पुलिस के डर से 13 दिन बाद गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव ट्रेन में ठिकाने लगा दिया था। पुलिस ने जम्मू तवी रूट के जीआरपी स्टेशन पर संपर्क करके लाश बरामदगी के प्रयास किए, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई
कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने बताया कि अब दोबारा कोलकाता और जम्मू रूट पर शव को तलाशा जा रहा है। टीमों को जल्द दोनों रूट पर फिर से भेजा जाएगा। पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई के लिए उनका क्राइम डाटा भी तैयार हो चुका है। सातों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर लगेगी।
अनुराग अपहरण कांड के सात आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। बदमाश की जमानत न हो सके, इसलिए गैंगस्टर लगाई जा रही है। - रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी