बरेली। रामपुर गार्डन में कोठी नंबर 35 के मालिक 62 वर्षीय अरुण अरोड़ा की अधजली लाश कमरे से बरामद हुई। पुलिस तफ्तीश के मुताबिक हादसे में आग लगने के बाद अरुण चपेट में आकर जल गए। रविवार दोपहर हादसे की खबर लगने पर परिवार वालों ने पुलिस को बुलाया। अब पोस्टमार्टम के बाद लाश को परिवार के सुपुर्द किया जाएगा।
अरुण की शादी नहीं हुई थी। वह कोठी में अकेले ही रहते थे। उनके भाई संजय अरोड़ा की गली नवाबान में मेडिकल शॉप है। वह अरुण के ठीक बगल वाले घर में परिवार के साथ रहते हैं। इंस्पेक्टर गीतेश कपिल के मुताबिक, संजय ने बताया कि उनके भाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह नशा भी करते थे। घर की सफाई तक नहीं करवाते थे और न ही किसी का आना-जाना पसंद करते थे। राजेंद्रनगर में उनकी बुआ रश्मि अरोड़ा अपने बेटे संजय के साथ रहती हैं। संजय जिला विज्ञान सूचना अधिकारी हैं। प्रतिदिन अरुण भोजन के लिए बुआ के घर जाते थे। दिनभर वहीं रहने के बाद रामपुर गार्डन लौट आते थे। अरुण की भाइयों से नहीं बनती थी। रविवार को अरुण के नहीं पहुंचने पर रश्मि को चिंता हुई। उन्होंने संजय से पता करने के लिए कहा। बाद में परिवार के लोग अरुण के घर पहुंचे तो मुख्यद्वार और पीछे के दरवाजों में अंदर से लॉक लगा मिला। परिवार के लोगों ने अनहोनी की आशंका में संजय के मकान से झांका तो घर के अंदर की दीवारों पर कालिख थी। सामान जला हुआ नजर आ रहा था। भाई संजय ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
घर में घुसी पुलिस कबाड़ देख हैरान रह गई
दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस पूरे घर को कबाड़खाना बना देख हैरान रह गई। गंदगी के बीच अंदर के कमरे पूरा सामान जला हुआ मिला। देखने से लगता है कि पूरा कमरा रातभर सुलगता रहा। कोने में झुलसी हुई अरुण की लाश मिली। परिस्थितियों के आधार पर पुलिस अनुमान लगा रही है कि शनिवार रात नशे की हालत में मोमबत्ती जैसी किसी चीज से आग लगी, लेकिन अरुण बुझा नहीं सके। बाद में आग की चपेट में आने के बाद जान गवां दी। लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
कोठी के एक हिस्से को उन्होंने एक प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले को किराये पर दे रखा है। इंस्पेक्टर के मुताबिक, शनिवार रात करीब 8:30 बजे उससे अरुण ने 200 रुपये लिए थे और घर के अंदर चले गए थे।