पुलिस चाहे तो पाताल से भी बदमाशों को खोज निकाले, लेकिन शहर को हिला देने वाले चर्चित वीर सावरकरनगर नरेश सेठी हत्याकांड में पुलिस नौ महीनों में मुख्य दो हत्यारोपियों अरशद और गुड्डूू तक भी नहीं पहुंच सकी। मजबूत पैरवी नहीं होने से हत्याकांड का मास्टर माइंड विशाल अग्रवाल इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत पर छूट गया। अहम बात यह है कि विशाल करीब तीन महीने पहले प्रेमनगर स्थित अपने मकान को बेचकर परिवार सहित लापता है और पुलिस को खबर तक नहीं है।
व्यापारी नेता नरेश सेठी की परिवार सहित हत्या करने के मास्टर माइंड विशाल अग्रवाल ने अपने नौकर अनिल राजपूत निवासी बारादरी के जरिये स्टेप्लाइजर लगवाने के बहाने रेकी करवाई थी। विशाल ने वारदात अंजाम देने के इरादे से बहेड़ी के शंकर, फरीदपुर के सराफ बृजेश गुप्ता, देवरनिया के अरशद, शाहजहांपुर के गुड्डृू को शामिल किया था। 27 सितंबर 2016 की रात चार बदमाश अनिल, अरशद, गुड्डूू और बृजेश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए थे। आहट होने पर नरेश सेठी की नींद खुल गई थी, उन्होंने अनिल को पहचान लिया। अरशद ने लोहे की रॉड से नरेश सेठी के सर पर प्रहार कर उनकी हत्या कर दी और बगल में सो रही पत्नी शिखा को भी मौत के घाट उतार दिया था। गुड्डू और बृजेश ने नरेश सेठी के बेटे शुभ और बेटी आस्था की भी हत्या कर दी और घर में रखी नकदी और जेवर लूट कर फरार हो गए थे।
हाईकोर्ट से विशाल को मिली थी जमानत
पुलिस ने छह दिनों में चर्चित हत्याकांड का खुलासा करके विशाल, अनिल, बृजेश और शंकर को गिरफ्तार करके जेल भेजा था जबकि असली केस के मुख्य आरोपी देवरनिया निवासी अरशद और गुड्डूू को पुलिस नहीं पकड़ सकी थी। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों ने निचली अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की, लेकिन कोर्ट ने खारिज कर दी थी। विशाल सहित चारों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए प्रयास किया। कमजोर पैरवी की वजह से विशाल को 14 फरवरी 2017 को जमानत मिल गई थी, जबकि मृतक नरेश सेठी के भाई सुरेश कुमार सेठी ने इलाहाबाद पहुंचकर बाकी आरोपियों की जमानत रुकवाई थी।
विशाल के घर पर मिला ताला, नहीं पता मौजूदा लोकेशन
जमानत मिलने के बाद विशाल बरेली लौट आया। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक विशाल का प्रेमनगर में दिव्य प्रकाश प्रेस के पास दो मंजिला मकान था। अमर उजाला की टीम जब विशाल के घर पहुंची तो वहां ताला लटक रहा था। मालूम करने पर जानकारी मिली कि करीब तीन महीने पहले विशाल अग्रवाल अपना मकान बेचकर परिवार के साथ चला गया है। इज्जतनगर थाने के इंस्पेक्टर और केस के विवेचक नरेश त्यागी को भी विशाल की मौजूदा लोकेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
25 हजार ईनाम घोषित करवाने की तैयारी
इज्जतनगर थाने के एसएसआई आरके सक्सेना ने बताया कि फरार चल रहे अरशद के देवरनिया स्थित घर की कुर्की करवाई गई थी, लेकिन गुड्डूू का अभी तक सही ठिकाना भी नहीं पता नहीं चल सका है। वहीं अब दोनों फरार बदमाशों पर ईनाम की राशि बढ़ाकर 25 हजार किये जाने की तैयारी है। बता दें कि दोनों बदमाशों पर 12 हजार का ईनाम घोषित किया गया था।
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कहां है मेरे भाईयों के हत्यारे
नरेश सेठी के भाई सुरेश कुमार सेठी ने कहा कि उनके भाई के परिवार के असली हत्यारों तक पुलिस नौ महीनों में भी नहीं पहुंच सकी। अब तक चार विवेचक बदल चुके हैं। दोनों आरोपियोें को खोजने की कोशिश तक नहीं हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सहित जिले में पुलिस विभाग के आईजी, डीआईजी सहित सभी अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने तफ्तीश आगे नहीं बढ़ाई।
आज भी करता हूं भाई से बातें
सुरेश कुमार सेठी आज भी कुतुबखाना स्थित अपनी दुकान के गल्ले में भाई के परिवार की तस्वीर रखते हैं। टीम के दुकान पर पहुंचने पर उन्होंने गल्ले से तस्वीर निकालकर नम आंखों से कहा कि आज भी रोज अपने भाई से बात कर लेता हूं।
विशाल के मकान बेचने की जानकारी नहीं है। हम विशाल को ढूंढ निकालेंगे। अरशद और गुड्डूू सहित पूरे गिरोह पर गैंगस्टर लगाई गई है, दोनों फरार मुख्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मैं खुद पूरे मामले पर विवेचक से बात करता हूं।
- रोहित सिंह सचवाण, एसपी सिटी