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छात्र चला रहे थे नकली अंग्रेजी शराब की फैक्टरी

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बरेली। पढ़ाई के बहाने घर से अलग रहने वाले छात्र किराए के मकान में नकली शराब की फैक्टरी चला रहे थे। कॉलेज जाने के बहाने स्कूल बैग में शराब की बोतलें भरकर सप्लाई करते थे। मगर पुलिस ने शराब की डिलीवरी देने निकले चार युवकों को पकड़ा तो पूरे गिरोह और नकली शराब फैक्टरी का भंडाफोड़ हो गया। उनके ठिकाने पर छापा मारकर तीन अन्य साथियों को भी दबोच लिया। मगर फिर इनमें से एक छात्र को थाने से छोड़ भी दिया। उनके कब्जे से पुलिस ने अंग्रेजी शराब की बोतलें, रेपर, होलोग्राम, ढक्कन, शराब बनाने के उपकरण आदि बरामद किए हैं।
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लोकसभा चुनाव और होली को लेकर शराब की खपत बढ़ चुकी है। ऐसे में कुछ छात्र भी अपना भविष्य ताक पर रखकर इस धंधे में उतर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक कोतवाली पुलिस ने सोमवार रात चौकी चौराहे के पास से चार छात्रों को पकड़ा, जिनके पास बैग में नकली अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद हुईं। ये आरोपी बिथरी चैनपुर निवासी बीकॉम का छात्र सौरभ, दुर्गानगर निवासी ग्यारहवीं का छात्र शानू उर्फ राहुल और कैंट के झील गौंटिया निवासी दसवीं का छात्र यशवीर उर्फ अंशु एवं एक अन्य थे। इनसे पूछताछ के बाद कोतवाली पुलिस ने पीलीभीत बाईपास स्थित कालोनी के मकान में छापा मारकर नकली अंग्रेजी शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया। उनके साथी संजयनगर निवासी विपिन, कैंट के पुराना मोहनपुर निवासी विवेक और विनोद को भी गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस का दावा है कि इन सभी की गिरफ्तारी पीलीभीत बाईपास स्थित कालोनी से हुई है।

बरामद सामान ये मिला तस्करों के पास
आरएस के 25 खाली क्वार्टर, 18 खाली और चार भरे हाफ, सात खाली और 18 भरी बोतलें, मैकडॉवल के नौ खाली क्वार्टर और 43 रेपर, ब्लेंडरप्राइड के आठ खाली क्वार्टर, आरसी की खाली बोतल, 80 लीटर एल्कोहल, इंपीरियल ब्लू ब्रांड के छह रेपर, एक थैली ढक्कन के अंदर की रबर, चार थैली ढक्कन, बड़ी तादात में होलोग्राम और स्टीकर बरामद किए। पुलिस ने इनसे 315 बोर का एक तमंचा, दो कारतूस और एक खोखा भी बरामद किया।
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शराब के ठेके से लेकर दुकानों तक सप्लाई
एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने बताया कि सभी आरोपी किराए पर रहकर नकली अंग्रेजी शराब की फैक्टरी चला रहे थे। छात्र सौरभ, शानू एवं यशवीर शराब बनाते थे। कोल्डड्रिंक सप्लायर होने के कारण विवेक की मार्केट में अच्छी पकड़ है, जिसकी मदद से विनोद और विवेक सप्लाई करते थे। फरीदपुर निवासी तस्कर उन्हें अंग्रेजी शराब की खाली बोतलें, ढक्कन और बाकी कच्चा माल लाकर देता था। यह आरोपी शराब के ठेकों से लेकर दुकानों तक सप्लाई करते थे। इसके चलते ही शहर के आसपास का निवासी होने के बावजूद पढ़ाई के नाम पर किराए पर कमरा लिया था।

मुखबिरी पर भंडाफोड़, एक आरोपी छोड़ा
आरोपियों का कहना है कि उनका एक ग्राहक भोजीपुरा के गांव धौराटांडा स्थित शराब का ठेका संचालक है। उसी ने उनके काम की मुखबिरी की है। कुछ दिन पहले वह भी नकली शराब बेचते पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने उन लोगों के नाम भी खोल दिए। जबकि पुलिस ने पकड़े गए सात आरोपियों में एक छात्र को छोड़ दिया है। पुलिस का कहना है कि वह उनका मुखबिर था। वहीं, आरोपियों का कहना है कि पुलिस ने जिसे छोड़ा है कमरा उसी ने दिलवाया था।

नकली अंग्रेजी शराब का अड्डा बना बारादरी, इंस्पेक्टर को फटकार
कच्ची शराब के लिए बारादरी का गंगापुर इलाका पहले ही बदनाम था। मगर यहां नकली अंग्रेजी शराब के अड्डे भी बन गए हैं। दीपावली पर जगतपुर में टाइपिस्ट सुधीश भटनागर को नकली अंग्रेजी शराब की फैक्टरी चलाते पकड़ा था। जेल से छूटने के बाद सुधीश ने साथियों के संग पीली मिट्टी इलाके में नया मकान लेकर दोबारा धंधा शुरू कर दिया। डेढ़ महीने पहले आबकारी टीम ने उसके धंधे पर कार्रवाई की। तब से वह फरार है। सोमवार देर रात फिर इसी क्षेत्र में शराब फैक्ट्री पकड़ने के बाद अधिकारियों ने बारादरी इंस्पेक्टर को कड़ी फटकार लगाई।

ऐसे बनाते थे शराब
शराब बनाने के लिए आरोपी 30 प्रतिशत एल्कोहल में 70 प्रतिशत पानी मिलाते थे। चीनी को गरम करके लाल कर लेते थे, जिसमें यह मिश्रण मिलाने पर शराब का रंग भी आ जाता था। उनके पास से तीव्रता चेक करने का यंत्र भी बरामद हुआ। बरामद हुई शराब की तीव्रता 35 निकली जबकि असली अंग्रेजी शराब की तीव्रता 42.8 होती है।

दबिश देकर छात्रों व अन्य तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। धंधे के तार बारादरी क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस पर बारादरी थाना प्रभारी को चेतावनी दी गई है, कोतवाली पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी
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